Edition

योगी सरकार का शिक्षा पर बड़ा फोकस, 5 सर्वोदय स्कूलों में स्मार्ट क्लास शुरू

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

 लखनऊ
प्रदेश के विद्यार्थियों को आधुनिक और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से जोड़ने की दिशा में योगी सरकार ने एक और बड़ा कदम बढ़ाया है। समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित जय प्रकाश नारायण सर्वोदय विद्यालयों में अब पारंपरिक पढ़ाई के साथ डिजिटल तकनीक का इस्तेमाल शुरू कर दिया गया है। इसी क्रम में पहले चरण में पांच सर्वोदय विद्यालयों में अत्याधुनिक स्मार्ट क्लासरूम की शुरुआत की गई है। सरकार की यह पहल ग्रामीण और वंचित वर्ग के विद्यार्थियों को आधुनिक शिक्षा के समान अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में अत्यंत अहम मानी जा रही है।

भागीदारी भवन से उद्घाटन, 35 करोड़ की सीएसआर परियोजना
गोमती नगर स्थित भागीदारी भवन में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में समाज कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण ने स्मार्ट क्लासरूम परियोजना का औपचारिक उद्घाटन किया। यह परियोजना 'FIRST ORIGIN NextGen Edutech Pvt. Ltd.' के सहयोग से कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) के तहत शुरू की गई है। योजना के प्रथम चरण में पांच चयनित विद्यालयों में एक-एक स्मार्ट क्लासरूम तैयार किया गया है। इस पूरी परियोजना की कुल लागत 35 करोड़ तय की गई है।

पायलट प्रोजेक्ट में 5 जिले शामिल, कॉन्वेंट स्टाइल में मिलेंगी सुविधाएं
समाज कल्याण विभाग के निदेशक संजीव सिंह ने बताया कि प्रदेश में वर्तमान में कुल 103 सर्वोदय विद्यालय संचालित हैं। पायलट प्रोजेक्ट के तहत गाजियाबाद (निडोरी), बुलंदशहर (बदनौरा), मेरठ (हस्तिनापुर), बरेली और पीलीभीत के विद्यालयों में स्मार्ट क्लासरूम शुरू किए गए हैं। इन डिजिटल कक्षाओं में स्मार्ट बोर्ड, स्मार्ट पैनल, दो एयर कंडीशनर (AC) और वुडेन फ्लोरिंग जैसी विश्वस्तरीय सुविधाएं दी गई हैं। इससे विद्यार्थियों को कठिन से कठिन विषयों को दृश्य और डिजिटल माध्यम से इंटरैक्टिव तरीके से समझने में मदद मिलेगी।

विद्यार्थियों के भविष्य को नई दिशा देने का प्रयास: असीम अरुण
उद्घाटन के दौरान राज्यमंत्री असीम अरुण ने कहा कि यह स्मार्ट क्लासरूम केवल पढ़ाई के तरीके में बदलाव नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों के भविष्य को एक नई दिशा देने का प्रयास है। योगी सरकार का लक्ष्य है कि प्रदेश का हर बच्चा आधुनिक तकनीक से जुड़े और भविष्य की प्रतिस्पर्धाओं के लिए खुद को तैयार कर सके। उन्होंने कहा कि सरकार का फोकस अब केवल स्कूलों की संख्या बढ़ाने पर नहीं, बल्कि शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार लाने पर है। कार्यक्रम में प्रमुख सचिव अनुराग यादव, निदेशक संजीव सिंह और फर्स्ट ओरिजिन के एमडी अनुज कुमार वर्मा भी मौजूद रहे।

दूसरे चरण में होगा विस्तार, प्रतियोगी परीक्षाओं की राह होगी आसान
फर्स्ट ओरिजिन के मैनेजिंग डायरेक्टर अनुज कुमार वर्मा ने स्पष्ट किया कि परियोजना के दूसरे चरण में प्रदेश के अन्य सर्वोदय विद्यालयों में भी स्मार्ट क्लासरूम और ऑनलाइन शिक्षा का विस्तार किया जाएगा। यह कदम तकनीकी बदलाव के साथ-साथ सामाजिक समावेशन के लिए भी बड़ा मील का पत्थर साबित होगा। सर्वोदय विद्यालयों में इन आधुनिक संसाधनों की उपलब्धता से विद्यार्थियों को आगे चलकर प्रतियोगी परीक्षाओं, उच्च शिक्षा और बदलते वैश्विक रोजगार बाजार की जरूरतों के अनुरूप तैयार करने में मदद मिलेगी।

 

Aditya
Author: Aditya

Share करें

✓ Link copy हो गया!

Leave a Comment

और पढ़ें

error: Content is protected !!