Edition

झारखंड भर्ती परीक्षा विवाद पर CM सोरेन का बड़ा बयान, लखनऊ की कंपनी और बाहरी लोगों पर लगाए आरोप

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

रांची
झारखंड विधानसभा में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने छात्रों के आंदोलन को लेकर बड़ा बयान दिया है. उन्होंने सदन में कहा कि परीक्षाओं में हुई गड़बड़ी की पूरी जांच कराई जाएगी और छात्रों की ज्यादातर मांगें मान ली गई हैं. मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर भी तीखा हमला बोला और कहा कि कुछ लोग इस मामले में सिर्फ राजनीति कर रहे हैं। 

मुख्यमंत्री के संबोधन के तुरंत बाद विधानसभा की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई. सत्र का आखिरी दिन 12 अगस्त तय था, लेकिन एक दिन पहले ही सदन को समेट दिया गया। 

दरअसल झारखंड में पिछले कई दिनों से छात्र और नौकरी के लिए तैयारी कर रहे युवा भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ी को लेकर आंदोलन कर रहे हैं. सोमवार को हजारों छात्र विधानसभा की तरफ मार्च करते हुए पहुंचे थे. इस दौरान पुलिस और छात्रों के बीच झड़प हुई. पुलिस ने भीड़ को रोकने के लिए पानी की बौछारें और आंसू गैस के गोले छोड़े. कई छात्रों ने दावा किया कि इस कार्रवाई में वे घायल हुए, वहीं पुलिस के मुताबिक इस दौरान 14 पुलिसकर्मी भी घायल हुए थे। 

इसी मुद्दे पर मंगलवार को जब विधानसभा की कार्यवाही शुरू हुई तो सदन में जबरदस्त हंगामा हुआ. भाजपा के विधायक छात्रों पर हुए लाठीचार्ज को लेकर सदन के बीचोंबीच पहुंच गए और सरकार के खिलाफ नारेबाजी करने लगे. विपक्ष के नेता बाबूलाल मरांडी ने मुख्यमंत्री से छात्रों पर हुई कथित ज्यादती और लाठीचार्ज को लेकर जवाब मांगा. हंगामे की वजह से सदन को कई बार स्थगित करना पड़ा। 

इसी बीच अपने संबोधन में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि इस पूरे मामले में कुछ लोग सिर्फ राजनीति कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि JPSC से लेकर CGL तक की परीक्षाओं को लेकर सदन में तरह तरह की बातें आई हैं. मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि सभी परीक्षाओं की जांच कराई जाएगी. उन्होंने बताया कि लखनऊ की एक कंपनी ने उत्तर प्रदेश और बिहार के कुछ लोगों के साथ मिलकर झारखंड में परीक्षाओं में गड़बड़ी की है. मुख्यमंत्री ने कहा कि जांच को लेकर सरकार की मंशा एकदम साफ है और भाजपा चाहे जितना हल्ला करे, सरकार अपना काम करती रहेगी। 

मुख्यमंत्री ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि पहले भाजपा गेरुआ कपड़े पहनकर लोगों को गुमराह करती थी और अब छात्रों के भेष में यही काम कर रही है. उन्होंने यह भी कहा कि सरकार ने आंदोलन कर रहे छात्रों से जिस तरह बातचीत की, वह सही तरीका था और सोमवार को छात्रों और प्रशासन दोनों ने जिस धैर्य का परिचय दिया, वह अभूतपूर्व है। 

मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि परीक्षा सुधार को लेकर छात्रों की ज्यादातर मांगें मान ली गई हैं और आने वाले समय में बाकी मांगों पर भी विचार करके सुधार किए जाएंगे. उन्होंने बताया कि लखनऊ की जिस TDPL कंपनी ने झारखंड में प्रतियोगी परीक्षाएं करवाई थीं, उन सभी परीक्षाओं की जांच कराई जाएगी. इसके साथ ही सरकार आईआईटी के विशेषज्ञों से भी बात करेगी ताकि आगे से परीक्षाएं और बेहतर तरीके से आयोजित की जा सकें। 

गौरतलब है कि छात्र 25 जुलाई से इस मुद्दे पर आंदोलन कर रहे हैं. उनकी मांग है कि भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता लाई जाए, JPSC और JSSC के कामकाज में सुधार किया जाए, गड़बड़ी वाली परीक्षाएं रद्द की जाएं और मामले की जांच सीबीआई या झारखंड से बाहर के रिटायर्ड हाई कोर्ट जजों की समिति से कराई जाए। 

Aditya
Author: Aditya

Share करें

✓ Link copy हो गया!

Leave a Comment

और पढ़ें

error: Content is protected !!