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पूर्व कोच हथुरुसिंघे से श्रीलंका क्रिकेट का समझौता, 1.56 करोड़ का भुगतान किया

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कोलंबो
श्रीलंका क्रिकेट (SLC) और पूर्व हेड कोच चंडिका हथुरुसिंघे के बीच लंबे समय से चल रही कानूनी लड़ाई आखिरकार खत्म हो गई है. कॉन्ट्रैक्ट समय से पहले समाप्त किए जाने को लेकर शुरू हुआ यह विवाद कई सालों तक चला और अब एसएलसी को समझौते के तहत हथुरुसिंघे को 1 लाख 64 हजार अमेरिकी डॉलर का भुगतान करना पड़ा है. भारतीय मुद्रा में यह रकम करीब 1.56 करोड़ रुपये बैठती है l

संडे टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, भुगतान के बाद चंडिका हथुरुसिंघे स्विट्जरलैंड स्थित कोर्ट ऑफ आर्बिट्रेशन फॉर स्पोर्ट (CAS) में अपनी कानूनी कार्रवाई वापस लेने पर सहमत हो गए हैं. इस समझौते के साथ श्रीलंकाई क्रिकेट से जुड़े लंबे और खर्चीले विवाद का पटाक्षेप हो गया l

चंडिका हथुरुसिंघे ने अपना कॉन्ट्रैक्ट खत्म किए जाने के बाद SLC के खिलाफ कानूनी लड़ाई शुरू की थी. उस समय उन्होंने करीब 5 मिलियन यानी 50 लाख डॉलर के हर्जाने की मांग की थी. हालांकि सीएएस में शुरुआती कार्यवाही उम्मीद के मुताबिक आगे नहीं बढ़ी. इसके बाद उन्होंने नए सिरे से कानूनी कदम उठाया और करीब 4.50 लाख डॉलर की मांग की l

समय के साथ दोनों पक्षों के बीच बातचीत आगे बढ़ी और अदालत के बाहर मामले को सुलझाने का रास्ता निकाला गया. रिपोर्ट के अनुसार, इस साल हुए समझौते में चंडिका हथुरुसिंघे ने 2 लाख डॉलर की राशि स्वीकार करने पर सहमति जताई. इसमें उनकी टैक्स देनदारी का 50 प्रतिशत हिस्सा शामिल था. अंततः श्रीलंका क्रिकेट की ओर से 1.64 लाख डॉलर का भुगतान किया गया l

दिसंबर 2017 में बने थे हेड कोच
चंडिका हथुरुसिंघे को दिसंबर 2017 में श्रीलंका का हेड कोच नियुक्त किया गया था. उनसे टीम के प्रदर्शन में बड़े बदलाव की उम्मीद थी, लेकिन उनका कार्यकाल मैदान पर खराब नतीजों और मैदान के बाहर विवादों से घिरा रहा. उनके कार्यकाल के दौरान श्रीलंका ने सभी फॉर्मेट को मिलाकर 67 इंटरनेशनल मुकाबले खेले. इनमें टीम ने 24 मैच जीते और 38 में उसे हार का सामना करना पड़ा. मैदान पर निराशाजनक नतीजों के बीच टीम के अंदर के माहौल को लेकर भी सवाल उठे. बाद में उनके कामकाज की जांच की गई, जिसने मामले को और गंभीर बना दिया l

एक सदस्यीय जांच में चंडिका हथुरुसिंघे को छह आरोपों में दोषी पाया गया था. रिपोर्ट के मुताबिक, इनमें टीम के भीतर मतभेद पैदा करने और खिलाड़ियों को पर्याप्त रूप से तैयार नहीं करने जैसे आरोप शामिल थे. इसके बाद उनका श्रीलंका क्रिकेट के साथ रिश्ता बिगड़ता चला गया और कॉन्ट्रैक्ट समाप्त करने का मामला कानूनी लड़ाई में बदल गया l

विवाद लंबा खिंचने के कारण कानूनी खर्च भी बढ़ता गया. मामला श्रीलंका की कमेटी ऑन पब्लिक एंटरप्राइजेज (COPE) की जांच के दायरे में भी आया. सीओपीई ने दोनों पक्षों को अदालत के बाहर समाधान निकालने की सलाह दी थी. इसके पीछे मकसद कानूनी प्रक्रिया पर होने वाले अतिरिक्त खर्च को रोकना था. आखिरकार श्रीलंका क्रिकेट और चंडिका हथुरुसिंघे के बीच सहमति बनी और समझौते के जरिए विवाद समाप्त कर दिया गया l

Aditya
Author: Aditya

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