Edition

309 निकायों में आरक्षण लॉटरी जल्द, चुनावी दावेदारों की बढ़ेगी सक्रियता और हलचल

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

जयपुर
राजस्थान में निकाय चुनाव की तैयारियां अब निर्णायक दौर में पहुंच रही है। वार्डों और निकाय प्रमुखों के पदों के आरक्षण की लॉटरी अगले चार से पांच दिन में निकलने की संभावना है। इसके लिए संबंधित जिला कलक्टर और स्वायत्त शासन विभाग स्तर पर तैयारियां अंतिम चरण में है। पार्षदों के लिए वार्डों के आरक्षण की लॉटरी संबंधित जिला कलक्टर स्तर पर निकाली जाएगी, जबकि महापौर, सभापति और चेयरमैन पदों के आरक्षण की लॉटरी स्वायत्त शासन विभाग की ओर से होगी।

राजस्थान के 309 निकायों में महापौर, सभापति और चेयरमैन पदों का आरक्षण तय होगा। वहीं 10,245 वार्डों में पार्षदों के लिए आरक्षण लॉटरी निकाली जाएगी। आरक्षण की तस्वीर साफ होने के साथ ही निकाय चुनाव की तैयारियों में जुटे दावेदारों की सक्रियता भी बढ़ेगी। हालांकि, चर्चा 12 से 14 अगस्त के बीच की है। बता दें कि अभी सभी राजनीतिक दलों और भावी प्रत्याशियों की धड़कनें अगले सप्ताह प्रस्तावित आरक्षण लॉटरी पर टिकी हुई हैं। दूसरी ओर बीजेपी और कांग्रेस ने चुनावी तैयारियां भी शुरू कर दी है।

लॉटरी के साथ बढ़ेगी दावेदारों की सक्रियता
वार्डों के आरक्षण की स्थिति साफ होते ही चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे दावेदारों की सक्रियता बढ़ेगी। लंबे समय से अपने-अपने वार्डों में चुनावी तैयारी कर रहे संभावित प्रत्याशियों की नजर लॉटरी पर टिकी है। वार्ड सामान्य या आरक्षित होने के आधार पर कई दावेदारों के चुनावी समीकरण बदलेंगे। वहीं, आरक्षण के कारण जिन दावेदारों को अपने वार्ड से चुनाव लड़ने का मौका नहीं मिलेगा, वे दूसरे वार्डों में विकल्प तलाश सकते हैं।

निकाय चुनाव पार्षदों की जिला स्तर और महापौर-चेयरमैन की लॉटरी विभाग स्तर पर
प्रदेश के 309 निकायों में महापौर, सभापति और चेयरमैन पदों का आरक्षण तय होगा। वहीं 10,245 वार्डों में पार्षदों के लिए आरक्षण लॉटरी निकाली जाएगी। पार्षदों के लिए वार्डों के आरक्षण की लॉटरी जिला स्तर पर और महापौर, सभापति और चेयरमैन पदों के आरक्षण की लॉटरी स्वायत्त शासन विभाग की ओर से निकाली जाएगी।

309 निकाय, 10245 वार्ड, जयपुर सबसे बड़ा संभाग
प्रदेश के 7 संभागों में कुल 309 नगरीय निकाय और 10245 वार्ड प्रस्तावित हैं। इनमें 10 नगर निगम, 47 नगर परिषद, 19 द्वितीय श्रेणी नगरपालिकाएं, 58 तृतीय श्रेणी नगरपालिकाएं और 175 चतुर्थ श्रेणी नगरपालिकाएं शामिल हैं। जयपुर संभाग में सबसे अधिक 91 निकाय और 2970 वार्ड हैं, जबकि कोटा और उदयपुर संभाग में 28-28 निकाय हैं।

Aditya
Author: Aditya

Share करें

✓ Link copy हो गया!

Leave a Comment

और पढ़ें

error: Content is protected !!