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High Court New Rules: वादपत्र-याचिकाओं की डबल साइड प्रिंटिंग अनिवार्य, पत्राचार में हार्ड कॉपी होगी बंद

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इंदौर 
 हाई कोर्ट
में अब डिजिटल पत्राचार होगा। हार्ड कापी के माध्यम से पत्राचार की प्रथा समाप्त कर दी जाएगी। वकीलों नोटिस और अन्य सूचनाओं की जानकारी उनके पंजीकृत मोबाइल नंबर पर एसएमएस अथवा व्हाट्सएप अलर्ट के माध्यम से दी जाएगी।

इतना ही नहीं अब याचिकाएं, वादपत्र, शपथ पत्र सहित सभी दस्तावेज दोनों और प्रिंट किए जाएंगे। हाई कोर्ट को पेपरलेस बनाने की दिशा में कदम बढ़ाते हुए इस संबंध में आदेश जारी कर दिए हैं।

जारी परिपत्र कहा है कि पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए मप्र हाई कोर्ट ने दस्तावेजों के प्रारूप व डिजिटल पत्राचार संबंधी नई व्यवस्था लागू करने जा रहा है। इसका उद्देश्य न्यायालयीन कार्यप्रणाली में एकरूपता लाना, कागज की खपत कम करना, पर्यावरण संरक्षण तथा कार्बन फुटप्रिंट में कमी लाना है।

ये दिए हैं निर्देश

    नई व्यवस्था के अनुसार हाई कोर्ट में प्रस्तुत किए जाने वाले सभी वादपत्र, याचिकाएं, शपथपत्र तथा अन्य दस्तावेज अब 75 जीएसएम अथवा उससे अधिक गुणवत्ता वाले ए-4 आकार के कागज पर दोनों तरफ प्रिंट किए जाएंगे।

    दस्तावेजों के लिए टाइम्स न्यू रोमन फान्ट, 14 प्वाइंट फान्ट साइज, डेढ़ लाइन स्पेसिंग, जबकि उद्धरण एवं इंडेंट के लिए 12 प्वाइंट फान्ट तथा सिंगल लाइन स्पेसिंग निर्धारित की गई है। इसके साथ ही बाएं एवं दाएं 4 सेमी तथा ऊपर एवं नीचे 2 सेमी मार्जिन रखना अनिवार्य होगा।

    हाई कोर्ट की रजिस्ट्री द्वारा अधिवक्ताओं को भेजे जाने वाले सभी आधिकारिक पत्राचार अब केवल उनके पंजीकृत ई-मेल पर भेजे जाएंगे।

    सूचना की जानकारी के लिए संबंधित अधिवक्ताओं के पंजीकृत मोबाइल नंबर पर एसएमएस अथवा व्हाट्सएप अलर्ट भी भेजा जाएगा। इसके बाद हार्ड कापी के माध्यम से पत्राचार की प्रथा समाप्त कर दी जाएगी।

    रजिस्ट्री के सभी स्तरों पर होने वाले आंतरिक कार्यालयीन पत्राचार में भी ए-4 आकार के कागज का दोनों तरफ उपयोग अनिवार्य किया गया है।

 

Aditya
Author: Aditya

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