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पंजाब विधानसभा के मानसून सत्र की शुरुआत, आत्महत्या करने वाले NEET छात्रों को दी गई श्रद्धांजलि

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चंडीगढ़

पंजाब विधानसभा के मानसून सत्र की कार्यवाही शुरू हो गई है। सीएम भगवंत मान सदन में पहुंच गए हैं। विधानसभा में नीट परीक्षा लीक के बाद जान गंवाने वाले बच्चों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। स्पीकर ने कहा कि केंद्र सरकार को अपना सिस्टम और मजबूत करना चाहिए ताकि बच्चों को इस तरह जान न गंवानी पड़े। इस पर भाजपा विधायक अश्वनी शर्मा ने कहा कि आप अपनी गलतियों को भी स्वीकार करें। केंद्र सरकार कार्रवाई कर रही है लेकिन पंजाब सरकार क्या कर रही है।

पंजाब विधानसभा का मानसून सत्र शुरू हो गया है। सत्र 10 अगस्त तक चलेगा और भगवंत मान सरकार के मौजूदा कार्यकाल का आखिरी मानसून सत्र है। सत्र के शुरू में दिवगंत लोगों को श्रद्वाजंलि दी गई।

इस मौके नीट परीक्षा के पेपर लीक और उससे उपजे तनाव के कारण जान गंवाने वाले विद्यार्थियों को भी पंजाब विधानसभा में भी श्रद्वाजंलि दी गई। स्पीकर कुलतार सिंह संधवां ने कहा कि केंद्र सरकार को चाहिए अपने सिस्टम को मजबूत करे कि पेपर लीक न हो। स्पीकर ने कहा कि बच्चों की जानें गई है। इसके बाद दोपहर 12 बजे तक कार्यवाही स्थगित कर दी गई।

पहले दिन सरकार पंजाब कॉमन इंफ्रास्ट्रक्चर (रेगुलेशन एंड मेंटेनेंस) संशोधन विधेयक, 2026 भी पेश कर सकती है। हालांकि इससे पहले कांग्रेस विधायकों के तीखे तेवर है।

इससे पहले विधानसभा के बाहर कांग्रेस विधायक सुखविंदर सिंह कोटली ने कहा कि अकाल तख्त साहिब की ओर से 29 जून को जारी किए गए हुकमनामे का पालन किया जाएगा। वह पंजाब के मुख्यमंत्री को संबोधित नहीं करेंगे और न ही किसी मुद्दे पर उन्हें जवाब देंगे। अकाल तख्त के निर्देशों के अनुसार मुख्यमंत्री को पंथ दोषी ही माना जाएगा।

कोटली ने कहा कि विधानसभा सत्र के दौरान वह शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस के इस्तीफे की मांग उठाएंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि पंजाब में अब तक छह बार पेपर लीक की घटनाएं हो चुकी हैं।

हंगामेदार रहने के आसार
इस बार का विधानसभा सत्र हंगामेदार रहने की संभावना है। कांग्रेस, शिरोमणि अकाली दल और भाजपा समेत विपक्षी दल कानून व्यवस्था, श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की बेअदबी से जुड़े कानून, पेपर लीक, नशे, किसानों के मुद्दों और बढ़ते कर्ज जैसे मामलों को लेकर सरकार को घेरने की तैयारी में हैं।

कांग्रेस ने बनाई रणनीति
कांग्रेस विधायक चंडीगढ़ पहुंच चुके हैं। नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा की अध्यक्षता में बैठक कर विधानसभा सत्र की रणनीति तैयार की गई। बैठक में तय किया गया कि किन मुद्दों को लेकर सरकार को घेरा जाएगा और सदन में विपक्ष की भूमिका कैसी रहेगी।

बेअदबी कानून पर संशोधन की संभावना कम
इस बार श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के अपमान से जुड़े कानून में संशोधन की संभावना कम मानी जा रही है। पिछले सप्ताह अकाल तख्त ने इस मामले पर धार्मिक और कानूनी विशेषज्ञों की एक कमेटी गठित की थी। यह कमेटी अगले दो महीनों में पंजाब सरकार के साथ बातचीत कर सहमति बनाने का प्रयास करेगी। ऐसे में सरकार फिलहाल इस मुद्दे पर जल्दबाजी करने के पक्ष में नजर नहीं आ रही है।

अकाल तख्त के निर्देश भी रहेंगे चर्चा में
इस सत्र के दौरान अकाल तख्त के जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज्ज के निर्देश भी चर्चा का विषय बन सकते हैं। मुख्यमंत्री भगवंत मान को 'पंथ दोषी' घोषित किए जाने के बाद उन्होंने सभी सिख विधायकों से सदन में मुख्यमंत्री को संबोधित न करने और उनकी ओर न देखने के निर्देश दिए हैं। अब सबकी नजर इस बात पर रहेगी कि सिख विधायक इन निर्देशों का किस तरह पालन करते हैं। विपक्ष भी इस मुद्दे को विधानसभा में उठाने की तैयारी में है।

 

Aditya
Author: Aditya

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