तहसीलदार की टेबल पर लेटे, SDM कोर्ट में बिस्तर बिछाकर सोए कांग्रेस नेता: अधिकारियों की लेटलतीफी के विरोध में अनोखा प्रदर्शन …..

सतना। जिले के बिरसिंहपुर तहसील कार्यालय में गुरुवार को अधिकारियों की कथित लेटलतीफी के विरोध में कांग्रेस नेता ने अनोखा प्रदर्शन किया। कांग्रेस नेता संतोष तिवारी पहले तहसीलदार की टेबल पर लेट गए और बाद में एसडीएम कोर्ट के भीतर बिस्तर बिछाकर धरने पर बैठ गए। इस दौरान का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
जानकारी के अनुसार, गुरुवार को बिरसिंहपुर तहसील में मझगवां एसडीएम महिपाल सिंह की लिंक कोर्ट लगनी थी। आरोप है कि दोपहर करीब एक बजे तक एसडीएम न्यायालय नहीं पहुंचे, जिससे न्यायिक कार्यवाही शुरू नहीं हो सकी। अधिकारियों के इंतजार में दूर-दराज से आए ग्रामीण और फरियादी घंटों बैठे रहे।
इसी से नाराज होकर कांग्रेस नेता संतोष तिवारी ने तहसील कार्यालय के भीतर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। उन्होंने पहले तहसीलदार की मेज पर लेटकर विरोध जताया और बाद में एसडीएम कोर्ट में बिस्तर बिछाकर धरने पर बैठ गए। उनका कहना था कि अधिकारी समय पर नहीं पहुंचते, जिससे आम लोगों का समय और पैसा दोनों बर्बाद होता है।
घटना के दौरान तहसील कार्यालय में कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। कर्मचारियों और मौजूद लोगों ने उन्हें समझाने का प्रयास किया, लेकिन उन्होंने अपना विरोध जारी रखा। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद प्रशासनिक कार्यप्रणाली और अधिकारियों की समयपालन व्यवस्था को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
वहीं, इस मामले में एसडीएम महिपाल सिंह ने आरोपों को खारिज करते हुए बताया कि गुरुवार सुबह 11:30 बजे से जिला मुख्यालय में आयोजित रोड सेफ्टी कमेटी की बैठक में उनकी उपस्थिति अनिवार्य थी। उन्होंने कहा कि तहसील कार्यालय में अन्य अधिकारी और कर्मचारी मौजूद थे तथा न्यायालय की गरिमा बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है।
एसडीएम ने कहा कि प्रदर्शन के दौरान न्यायालय की गरिमा भंग हुई है। मामले को गंभीरता से लेते हुए तहसीलदार की ओर से कांग्रेस नेता संतोष तिवारी को कारण बताओ नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया है।
फिलहाल इस घटना ने प्रशासनिक व्यवस्था, अधिकारियों की समयपालन प्रणाली और सरकारी कार्यालयों में आम लोगों को होने वाली परेशानियों को लेकर नई बहस छेड़ दी है।









