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खतियान वाली गैर-मजरूआ जमीन अब नहीं बिकेगी, सरकार ने शुरू की तैयारी

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पटना
 बिहार में खतियान के आधार पर चिह्नित गैर-मजरूआ जमीन की बिक्री पर रोक लगेगी। इस श्रेणी की जमीन की खरीद बिक्री की सूचना मिलने के बाद सरकार यह कदम उठाने जा रही है। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के विशेष सचिव नवाजिश अख्तर ने गुरुवार को पत्र के माध्यम से इसकी जानकारी मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग को दी है।

किस मौजे में कितनी जमीन गैर-मजरूआ आम है, निबंधन विभाग को इसकी सूची राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग देगा। निबंधन विभाग इस श्रेणी के जमीन का पूरा विवरण अपने कंप्यूटर में दर्ज करेगा। ऐसा करने पर जैसे ही इस जमीन की खरीद बिक्री का प्रयास होगा, सॉफ्टवेयर इसकी अनुमति ही नहीं देगा।

नमूना के रूप में पत्र के साथ सारण जिले की गैर-मजरूआ आम जमीन की सूची भी निबंधन विभाग को सौंपी गई है।

पत्र में कहा गया है कि विभिन्न भूमि सर्वेक्षणों के माध्यम से अंचल स्तर पर इस श्रेणी का विवरण तैयार किया गया है। निबंधन विभाग के पास हरेक जिले की जमीन के लिए एक रोक सूची है। इस सूची में शामिल जमीन की खरीद बिक्री नहीं होती है। गैर-मजरूआ जमीन को भी इसी रोक सूची में शामिल किया जाएगा।

गैर-मजरूआ आम जमीन
यह जमीन सार्वजनिक उपयोग के लिए होती है। सड़क, स्कूल, श्मशान, कब्रिस्तान, तालाब आदि की जमीन इस श्रेणी में आती है। एक समय में इस जमीन पर जमींदारों का स्वामित्व होता था।

आजादी के बाद यह सरकार के अधीन आ गई, लेकिन जमींदारों के समय के कागजात और कब्जे के आधार पर आज भी इस जमीन के बड़े हिस्से का उपयोग आम लोग करते हैं।

इसकी बिक्री की शिकायत भी मिलती रहती है, इसलिए सरकार इसे रोक सूची में डालने जा रही है। न बेचने की शर्त के साथ सरकार भूमिहीनों को आवास बनाने के लिए इस श्रेणी की जमीन देती है।

पहले भी हुई है घोषणा
राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने इस साल जून के पहले सप्ताह में गैर-मजरूआ आम जमीन की बिक्री पर रोक की घोषणा की थी। उन्होंने कहा था कि इस जमीन की अगर बिक्री हुई है तो जमाबंदी रद की जाएगी। राजस्व विभाग की पहल उसी का अगला हिस्सा है।

 

Aditya
Author: Aditya

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