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CM डॉ. यादव का निर्देश: संग्रहालय निर्माण में पारंपरिक निर्माण शैली और गुणवत्ता का रखें विशेष ध्यान

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संग्रहालय निर्माण में पुरानी निर्माण पद्धति और गुणवत्ता का ध्यान रखा जाए : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वीर भारत संग्रहालय जीर्णोद्धार कार्य समय-सीमा में पूर्ण करने के दिए निर्देश
उज्जैन

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उज्जैन में गुरूवार को कोठी महल स्थित निर्माणाधीन एवं प्रगतिरत 'वीर भारत संग्रहालय' का औचक निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने जीर्णोद्धार कार्य में इस्तेमाल की जा रही निर्माण सामग्री (कंस्ट्रक्शन मटीरियल) का निरीक्षण किया और स्थल पर काम कर रहे श्रमिकों व कारीगरों से बातचीत कर उनका हाल-चाल जाना। उन्होंने निर्देश दिए कि रिनोवेशन में पुरानी एवं पारंपरिक निर्माण पद्धतियों का ही अनुसरण किया जाए, जिससे इमारत की मौलिकता बनी रहे। इसके साथ ही उन्होंने गुणवत्ता से कोई समझौता न करने की बात कही।

वीर भारत संग्रहालय का जीर्णोद्धार कार्य उज्जैन स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत कराया जा रहा है। अवलोकन के दौरान '"दी धरोहर" कंपनी की अधिकारी श्रीमती संगीता बैस ने मुख्यमंत्री को अब तक हुए जीर्णोद्धार कार्यों और वर्तमान प्रगति की विस्तृत जानकारी दी। निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने संग्रहालय के ऐतिहासिक भवन की अधोसंरचना (इंफ्रास्ट्रक्चर) का बारीकी से जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों और एजेंसी को निर्देश दिए कि भवन के ऐतिहासिक और पारंपरिक ढाँचे में किसी भी प्रकार का बदलाव न किया जाए। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि जीर्णोद्धार कार्य इस प्रकार किया जाए जिससे भवन का मूल स्वरूप, प्राचीन भव्यता और ऐतिहासिक पहचान पूरी तरह सुरक्षित रहे।

निरीक्षण के दौरान विधायक श्री अनिल जैन कालूहेड़ा, विधायक श्री सतीश मालवीय, मध्यप्रदेश हाउसिंग बोर्ड के अध्यक्ष श्री ओम जैन, उज्जैन विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री रवि सोलंकी, अध्यक्ष श्री संजय अग्रवाल, एडीजी श्री राकेश गुप्ता, संभागायुक्त श्री आशीष सिंह, कलेक्टर श्री रौशन कुमार सिंह, नगर निगम आयुक्त श्री अभिलाष मिश्रा, एसपी श्री प्रदीप शर्मा सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

प्रथम चरण में लैंडस्केपिंग और पार्किंग की बनेगी आधुनिक व्यवस्था

प्रशासनिक अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि वर्तमान में वीर भारत संग्रहालय के जीर्णोद्धार का 'फेस-1' (प्रथम चरण) का काम प्रगति पर है, जिसे जल्द ही 'फेस-2' में ले जाया जाएगा। द्वितीय चरण में भवन के पुराने आर्किटेक्चर को रिवाइव करने के साथ-साथ इंटीरियर डिजाइनिंग, आसपास के परिसर का लैंडस्केपिंग, साइट डेवलपमेंट और सुव्यवस्थित पार्किंग का निर्माण किया जाएगा। इस परियोजना का निर्माण कार्य आगामी नवंबर माह तक पूर्ण होने की संभावना व्यक्त की गई है।

 

Aditya
Author: Aditya

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