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बजट के बाद भी मानदेय नहीं, अतिथि विद्वान परेशान, बदहाल व्यवस्थाओं से भी घिरा जैतवारा कॉलेज…….

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जैतवारा कॉलेज में अतिथि विद्वानों ने प्राचार्य पर लगाए पक्षपात के आरोप….

सतना (जैतवारा)। शासकीय महाविद्यालय जैतवारा में अतिथि विद्वानों के मानदेय भुगतान को लेकर असंतोष गहराता जा रहा है। अतिथि विद्वानों का आरोप है कि शासन से बजट उपलब्ध होने और उच्च शिक्षा विभाग के अतिरिक्त संचालक एवं संयुक्त संचालक द्वारा समय पर मानदेय भुगतान सुनिश्चित करने के स्पष्ट निर्देश जारी किए जाने के बावजूद पिछले दो माह से उनका मानदेय लंबित है। वहीं, परीक्षा कार्य का तीन वर्षों से बकाया मानदेय भी अब तक जारी नहीं किया गया है।

अतिथि विद्वानों का कहना है कि नियमित प्राध्यापकों का वेतन समय पर जारी हो जाता है, लेकिन उनके मामले में लगातार देरी की जा रही है। इसे लेकर वे दबी जुबान में महाविद्यालय के प्राचार्य की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रहे हैं और पक्षपातपूर्ण रवैये का आरोप भी लगा रहे हैं। हालांकि, इन आरोपों पर प्राचार्य की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
इधर, महाविद्यालय परिसर की साफ-सफाई और अन्य व्यवस्थाओं को लेकर भी छात्रों एवं कर्मचारियों में नाराजगी बताई जा रही है। अतिथि विद्वानों का कहना है कि आर्थिक परेशानियों के बावजूद उनकी समस्याओं पर गंभीरता से ध्यान नहीं दिया जा रहा।

मानदेय भुगतान में लगातार हो रही देरी से नाराज अतिथि विद्वानों ने परीक्षा ड्यूटी से दूरी बनाने का निर्णय लिया है। उनका कहना है कि जब तक बकाया मानदेय का भुगतान नहीं किया जाता, तब तक परीक्षा संबंधी कार्य करना कठिन होगा।
अब सवाल यह उठ रहा है कि जब उच्च अधिकारियों के स्पष्ट निर्देश और बजट उपलब्ध हैं, तो आखिर भुगतान किस स्तर पर अटका हुआ है?

अतिथि विद्वानों का आरोप है कि आज 28 जुलाई को समय पर पहुंचने के बावजूद भी प्रभारी प्राचार्य डॉ. किरणबाला श्रीवास्तव ने उन्हें उपस्थिति रजिस्टर में हस्ताक्षर नहीं करने दिए। बाद में उन्होंने सादा कागज और सार्थक ऐप पर उपस्थिति दर्ज की।
Amit Mishra
Author: Amit Mishra

Group Editor, Rewanchal Roshni News Group

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