सतना। केंद्रीय जेल सतना में जेल प्रशासन और अखिल विश्व गायत्री परिवार के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित आध्यात्मिक प्रशिक्षण व व्यक्तित्व परिष्कार जीवन साधना शिविर के सत्र का तीसरा दिन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।

यह आयोजन जेल अधीक्षक श्रीमती लीना कोष्ठा के मार्गदर्शन में आयोजित किया जा रहा है।
शिविर के तीसरे दिन का मुख्य विषय स्वाध्याय, सत्कर्म, सकारात्मकता और विश्वसनीयता रहा।कार्यक्रम का शुभारंभ वैदिक देवपूजन, महामंत्रों के जाप, ॐकार उच्चारण, गायत्री चालीसा पाठ और सामूहिक ध्यान-साधना के साथ हुआ।
गायत्री परिवार के प्रतिनिधियों ने बंदियों को संबोधित करते हुए कहा कि विपरीत परिस्थितियों से घबराने के बजाय उनका डटकर सामना करना चाहिए। उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण पर लगे मणिचोरी के आरोप की कथा का उदाहरण देते हुए बंदियों को नकारात्मक बातों को अनसुना करने, अच्छे विचारों को अपनाने और सत्कर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी।
विशिष्ट अधिकारियों ने किया अवलोकन….

चल रहे इस आध्यात्मिक प्रशिक्षण शिविर का जायजा लेने के लिए संयुक्त विजिटर बोर्ड जेल पहुँचा। इस दौरान प्रधान जिला न्यायाधीश एवं अध्यक्ष (जिला विधिक सेवा प्राधिकरण) श्रीमती गीता सोलंकी, कलेक्टर डॉ. सतीश कुमार एस., तथा पुलिस अधीक्षक डॉ. हंसराज सिंह ने कार्यक्रम का प्रत्यक्ष अवलोकन किया।
कार्यक्रम के अंत में शांतिपाठ के साथ तीसरे दिन के सत्र का समापन हुआ।
इस अवसर पर जेल उपाधीक्षक श्रीकांत त्रिपाठी व सोनबीर सिंह कुशवाह, कल्याण अधिकारी अनिरुद्ध कुमार तिवारी, सहायक जेल अधीक्षक फिरोजा सिंह, गायत्री परिवार के जिला समन्वयक राजेश तिवारी सहित अन्य अधिकारी, सेवाभावी नागरिक और बड़ी संख्या में बंदी उपस्थित रहे।









