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एमपी का बहुचर्चित दीपक–दीप्ति हत्याकांड: मोबाइल फोन बना सबसे बड़ा सुराग, ऐसे सुलझी रेप और मर्डर की गुत्थी

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एमपी का बहुचर्चित दीपक–दीप्ति हत्याकांड: मोबाइल फोन बना सबसे बड़ा सुराग, ऐसे सुलझी रेप और मर्डर की गुत्थी

भोपाल/मध्य प्रदेश। मध्य प्रदेश के बहुचर्चित दीपक–दीप्ति हत्याकांड की जांच में पुलिस को सबसे अहम सुराग मृतक दीपक के मोबाइल फोन से मिला। इसी तकनीकी साक्ष्य ने जांच की दिशा बदल दी और पुलिस आरोपियों तक पहुंचने में सफल रही। बाद में वैज्ञानिक साक्ष्यों, फॉरेंसिक जांच और बरामदगी के आधार पर पुलिस ने पूरे मामले का खुलासा किया।

पुलिस जांच के अनुसार, घटना के बाद मृतक दीपक का मोबाइल फोन घटनास्थल से गायब था। शुरुआती आशंका थी कि आरोपी मोबाइल अपने साथ ले गए हैं, लेकिन तकनीकी जांच में पता चला कि मोबाइल बंद नहीं हुआ था, बल्कि लगातार चालू था और उसका उपयोग किया जा रहा था। इसके बाद पुलिस ने कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) और मोबाइल लोकेशन के आधार पर जांच तेज की।

जांच के दौरान मोबाइल कपिल नामक युवक के पास मिला। पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिसके बाद मोबाइल बरामद हुआ और मामले की परतें खुलती चली गईं। तकनीकी साक्ष्यों और पूछताछ के आधार पर पुलिस ने अशोक, रामजीवन, कपिल और अर्जुन उर्फ अजय सहित छह आरोपियों को गिरफ्तार किया।

पुलिस का दावा है कि आरोपियों की निशानदेही पर मृतका की चांदी की पायल, सिम कार्ड और अन्य सामान भी बरामद किया गया। इसके अलावा फॉरेंसिक जांच, डीएनए रिपोर्ट और अन्य वैज्ञानिक साक्ष्यों को भी जांच का महत्वपूर्ण आधार बनाया गया।

अभियोजन के अनुसार, 14 फरवरी की रात दीपक और दीप्ति बाजार से लौट रहे थे। रास्ते में सुनसान इलाके में आरोपियों ने उन्हें रोक लिया। आरोप है कि इसके बाद दोनों पर हमला किया गया और युवती के साथ दुष्कर्म के बाद दोनों की हत्या कर दी गई। मामले की जांच के बाद पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मजबूत साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय में चालान प्रस्तुत किया।

सुनवाई के दौरान निचली अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर चार आरोपियों को दोषी ठहराते हुए फांसी की सजा सुनाई थी। बाद में मामला मध्य प्रदेश हाईकोर्ट पहुंचा, जहां दोषसिद्धि को बरकरार रखते हुए अदालत ने सजा में संशोधन किया और फांसी की सजा को आजीवन कारावास में बदल दिया।

यह मामला मध्य प्रदेश के चर्चित आपराधिक मामलों में शामिल रहा, जिसमें पुलिस की तकनीकी जांच, मोबाइल ट्रैकिंग, फॉरेंसिक साक्ष्य और डीएनए रिपोर्ट ने आरोपियों तक पहुंचने और पूरे घटनाक्रम का खुलासा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

Kishan Gupta
Author: Kishan Gupta

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