बारां। बारां साइबर थाना पुलिस ने ऑनलाइन एफडी तोड़कर 18.93 लाख रुपए की साइबर ठगी के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए मध्यप्रदेश के मैहर निवासी 34 वर्षीय विनोद सिंह को गिरफ्तार किया है। आरोपी MBA पास है और पूछताछ में सामने आया है कि वह ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को लालच देकर उनके बैंक खाते और मोबाइल सिम हासिल करता था, जिन्हें बाद में साइबर ठगी करने वाले गिरोहों को कमीशन पर उपलब्ध कराया जाता था।
मामला बारां जिले के कवाई निवासी द्रोपती बाई से जुड़ा है। उनके एयू बैंक खाते में 10 लाख और 8 लाख रुपए की दो एफडी थीं, जो उनके पति रमेशचंद्र धाकड़ को डूब क्षेत्र में अधिग्रहित जमीन के मुआवजे के रूप में मिली थी। 19 जून 2025 को जब द्रोपती बाई बैंक पहुंचीं तो उन्हें पता चला कि बिना किसी ओटीपी, कॉल या आवेदन के उनकी दोनों एफडी ऑनलाइन तोड़ दी गईं और कुल 18.93 लाख रुपए निकाल लिए गए। इसके बाद साइबर थाने में मामला दर्ज कराया गया।
जांच के दौरान पुलिस ने बैंक खातों और तकनीकी साक्ष्यों का गहन विश्लेषण किया। इस मामले में पहले खाताधारक राजन साकेत और मैकेनिकल इंजीनियर श्रीकांत लखेर को गिरफ्तार किया जा चुका है। दोनों से पूछताछ और तकनीकी जांच के आधार पर विनोद सिंह की भूमिका सामने आने पर पुलिस ने मैहर में दबिश देकर उसे गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि वह और श्रीकांत मिलकर ग्रामीण क्षेत्रों के भोले-भाले लोगों को पैसों का लालच देकर उनके बैंक खाते और मोबाइल सिम हासिल करते थे। बाद में इन्हें बिहार और मध्यप्रदेश के रीवा स्थित सक्रिय साइबर ठगी गिरोहों को कमीशन के बदले बेच दिया जाता था। इन्हीं खातों और सिम का इस्तेमाल कर द्रोपती बाई के बैंक खाते की ऑनलाइन एक्सेस हासिल की गई, एफडी तोड़ी गई और ठगी की रकम अलग-अलग खातों में ट्रांसफर कर निकाल ली गई।
पुलिस ने आरोपी के कब्जे से साइबर अपराध में इस्तेमाल मोबाइल फोन और सिम कार्ड जब्त किए हैं। साथ ही संदिग्ध बैंक खातों में 4.58 लाख रुपए होल्ड कराए गए हैं। न्यायालय के आदेश के बाद यह राशि पीड़िता को वापस दिलाने की प्रक्रिया जारी है। पुलिस अब बिहार और रीवा में सक्रिय साइबर ठगी गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी है।









