सतना। शहर के सिविल लाइन स्थित भरहुत होटल के पास बने लोक निर्माण विभाग (PWD) के शासकीय आवासों तथा सर्किट हाउस परिसर के समीप स्थित PWD कॉलोनी में कई वर्षों पहले सेवानिवृत्त हो चुके कर्मचारियों का अब भी कब्जा बना हुआ है। आरोप है कि सेवानिवृत्ति के बाद निर्धारित समय में आवास खाली करने के नियम होने के बावजूद कई रिटायर्ड कर्मचारी आज तक सरकारी मकानों में रह रहे हैं।

इस स्थिति का सबसे अधिक खामियाजा वर्तमान में कार्यरत अधिकारियों और कर्मचारियों को भुगतना पड़ रहा है। सरकारी आवास उपलब्ध नहीं होने के कारण कई कर्मचारी निजी मकानों में किराया देकर रहने को मजबूर हैं, जिससे उन पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है। कर्मचारियों का कहना है कि यदि नियमों का पालन कराया जाए तो कई जरूरतमंद कर्मचारियों को तुरंत शासकीय आवास मिल सकते हैं।

सूत्रों के अनुसार इस संबंध में कई बार शिकायतें संबंधित अधिकारियों तक पहुंच चुकी हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इसी कारण विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। चर्चा है कि शिकायतों के बावजूद रिटायर्ड कर्मचारियों से सरकारी आवास खाली नहीं कराए जा रहे, जिससे यह मामला लगातार गंभीर होता जा रहा है।
अब सवाल यह उठ रहा है कि आखिर शिकायतों के बाद भी जिम्मेदार अधिकारी कार्रवाई क्यों नहीं कर रहे? वर्षों से सरकारी आवासों पर कब्जा जमाए बैठे सेवानिवृत्त कर्मचारियों को हटाने में देरी की वजह क्या है? क्या विभाग अपने ही नियमों को लागू कराने में असफल साबित हो रहा है, या फिर किसी के संरक्षण के चलते कार्रवाई टाली जा रही है? फिलहाल जिम्मेदार अधिकारियों की चुप्पी कई सवाल खड़े कर रही है।









