ग्वालियर। देश के सबसे चर्चित और लंबे समय से चले आ रहे सिंधिया राजपरिवार के संपत्ति विवाद में आज अहम मोड़ आ सकता है। करीब 40 वर्षों से न्यायालयों में लंबित इस मामले में अदालत के बाहर समझौते की संभावनाएं तेज हो गई हैं। इस संबंध में 20 जुलाई को ग्वालियर जिला न्यायालय में महत्वपूर्ण सुनवाई प्रस्तावित है।

यह विवाद केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और राजपरिवार के अन्य सदस्यों के बीच पैतृक संपत्तियों के स्वामित्व और बंटवारे को लेकर चल रहा है। मामले से जुड़े कई मुकदमे ग्वालियर, मुंबई, पुणे सहित विभिन्न न्यायालयों में विचाराधीन हैं।
विवादित संपत्तियों में ऐतिहासिक जयविलास पैलेस, शिवपुरी और उज्जैन स्थित कई महत्वपूर्ण अचल संपत्तियां शामिल हैं। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार इन संपत्तियों की अनुमानित कीमत हजारों करोड़ रुपये आंकी जाती है, हालांकि अंतिम मूल्य और स्वामित्व का निर्धारण न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही होगा।
जानकारी के अनुसार, दोनों पक्ष आपसी सहमति से विवाद समाप्त करने की दिशा में प्रयास कर रहे हैं। पिछली सुनवाई में केस रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं होने के कारण सुनवाई टाल दी गई थी। अब आज होने वाली सुनवाई पर सभी की नजरें टिकी हैं। यदि समझौते पर सहमति बनती है या अदालत की ओर से कोई महत्वपूर्ण आदेश आता है, तो देश के सबसे पुराने और चर्चित शाही संपत्ति विवादों में से एक का रास्ता साफ हो सकता है।
(नोट: संपत्ति के अंतिम बंटवारे, स्वामित्व और हिस्सेदारी को लेकर अंतिम निर्णय न्यायालय अथवा दोनों पक्षों के औपचारिक समझौते के बाद ही स्पष्ट होगा।)









