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UP में लाइफलाइन बिजली उपभोक्ताओं के भार बढ़ाने पर उठे सवाल, जांच की मांग

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 लखनऊ
 लाइफलाइन विद्युत उपभोक्ताओं की बिजली खपत कम होने के बाद भी इस श्रेणी के लगभग 24 लाख उपभोक्ताओं का विद्युत भार बढ़ाने पर सवाल खड़े किए जा रहे हैं।

वित्तीय वर्ष 2024-25 में प्रति लाइफलाइन उपभोक्ता की वार्षिक विद्युत खपत लगभग 780 यूनिट थी, जो वर्ष 2025-26 में कम होकर 427 यूनिट रह गई थी। इस प्रकरण के सामने आने पर राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद ने बिजली खपत में भारी कमी के बाद भी इस श्रेणी के उपभोक्ताओं के कनेक्शन का भार बढ़ाए जाने के प्रकरण की उच्च स्तरीय जांच कराए जाने की मांग विद्युत नियामक आयोग से की है।

परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने बताया है कि नियामक आयोग ने लाइफलाइन उपभोक्ताओं के लिए वर्ष 2024-25 में प्रति उपभोक्ता प्रतिवर्ष 780 यूनिट अनुमोदित किया था। इसके बाद वर्ष 2025-26 में आयोग ने प्रति उपभोक्ता प्रतिवर्ष 427 यूनिट बिजली खपत अनुमोदित किया। चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 में प्रति उपभोक्ता प्रतिवर्ष 424 यूनिट बिजली खपत अनुमोदित है। खपत घटने के बाद भी विद्युत भार बढ़ना सवाल खड़े कर रहा है।

बताया है कि आयोग ने वर्ष 2024-25 में बिजली दर के आदेश में लाइफलाइन उपभोक्ता (एक किलोवाट 100 यूनिट तक विद्युत खपत) की श्रेणी में कुल बिजली बिक्री 13,260 मिलियन यूनिट निर्धारित किया था, जो 2025-26 में घटकर 7,161 मिलियन यूनिट रह गई थी।

चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 में भी इस श्रेणी में कुल बिजली बिक्री सिर्फ 7,586.74 मिलियन यूनिट ही अनुमानित है। प्रदेश में लाइफलाइन उपभोक्ताओं के साथ बड़ा खेल किया जा रहा है। इस प्रकरण की उच्च स्तरीय जांच जरूरी है।

प्रदेश में लाइफलाइन उपभोक्ताओं की संख्या
    वित्तीय वर्ष—–उपभोक्ता संख्या
    2024-25—– 1,69,99,611
    2025-26—– 1,67,48,362
    2026-27—– 1,78,91,784
नोट: आंकड़ें बता रहे हैं कि वर्ष 2024-25 के मुकाबले 2025-26 में उपभोक्ताओं की संख्या लगभग 2.51 लाख कम हुई है।

प्रति लाइफलाइन घरेलू उपभोक्ता की औसत वार्षिक बिजली खपत
वित्तीय वर्ष
    2024-25—- 780 यूनिट प्रतिवर्ष प्रति उपभोक्ता
    2025-26—- 427 यूनिट प्रतिवर्ष प्रति उपभोक्ता
    2026-27—- 424 यूनिट प्रतिवर्ष प्रति उपभोक्ता

 

Aditya
Author: Aditya

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