बढ़ती चोरी, अवैध गतिविधियों और अपराध पर लगाम को लेकर उठे सवाल, लोगों ने कहा- रिमांड पर गहन पूछताछ होती तो पूरे नेटवर्क का हो सकता था खुलासा।
सतना। सिविल लाइन थाना क्षेत्र में ट्रक, हाइवा और अन्य भारी वाहनों से लगातार हो रही बैटरी चोरियों ने व्यापारियों की चिंता बढ़ा दी है।
शनिवार रात करीब 11:30 बजे व्यापारियों की सतर्कता से बैटरी चोर गिरोह पकड़ा गया, चोरों को पकड़ने के बाद व्यापारियों ने सिविल लाइन थाने को सूचना दी, जिसके बाद चोरों से तीन बैट्रिया एवं एक बोलेरो गाड़ी बरामद की गई,
जानकारी के अनुसार, लगातार हो रही चोरियों से परेशान रेत व्यवसायी पुनीत सिंह राजन अपने साथियों के साथ रात में स्वयं वाहनों की निगरानी कर रहे थे। इसी दौरान खड़े ट्रक के पास संदिग्ध गतिविधि दिखाई देने पर व्यापारियों ने पीछा कर आरोपियों को पकड़ लिया, जिन्हे चोरी की गई तीन बैटरियों व 1 बोलेरो गाड़ी के साथ सिविल लाइन पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया। पुलिस आरोपियों को गिरफ्तार कर थाने ले गईं।
व्यापारियों का कहना है कि अगले ही दिन सामान्य पूछताछ के बाद आरोपियों को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया। उनका आरोप है कि यदि पुलिस आरोपियों को रिमांड पर लेकर कड़ाई से पूछताछ करती, तो कई महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आ सकती थीं।
व्यापारियों के अनुसार, आपसी जानकारी और प्रभावित लोगों से हुई चर्चा में पता चला है कि पिछले कुछ महीनों में ट्रक, हाइवा और अन्य भारी वाहनों की लगभग 50 बैटरियां चोरी हो चुकी हैं। उनका कहना है कि यदि आरोपियों से गहन पूछताछ होती, तो चोरी की गई इन बैटरियों की बरामदगी के साथ-साथ यह भी पता चल सकता था कि चोरी का सामान किन लोगों को बेचा गया।
व्यापारियों ने सवाल उठाया है कि यदि यह गिरोह लंबे समय से सक्रिय था, तो चोरी की बैटरियों के खरीददारों तक पुलिस क्यों नहीं पहुंची। उनका कहना है कि केवल चोरों की गिरफ्तारी से पूरे अपराध का खुलासा नहीं होता, बल्कि चोरी का माल खरीदने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई जरूरी है। इससे पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश हो सकता था और पूर्व में हुई कई चोरी की घटनाओं का भी खुलासा संभव था।
इधर, सिविल लाइन थाना क्षेत्र में लगातार बढ़ती चोरी, अवैध गतिविधियों और खुलेआम शराबखोरी को लेकर भी स्थानीय लोगों में नाराजगी बताई जा रही है। लोगों का कहना है कि क्षेत्र में प्रभावी पुलिस गश्त और अपराध नियंत्रण की आवश्यकता महसूस की जा रही है।
हालांकि पुलिस ने व्यापारियों द्वारा पकड़े गए आरोपियों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की है, लेकिन व्यापारियों का कहना है कि यदि पुलिस रिमांड लेकर गहन पूछताछ करती, तो बैटरी चोरी के इस पूरे नेटवर्क का खुलासा होने की संभावना अधिक थी। अब सभी की निगाह पुलिस की आगे की कार्रवाई पर टिकी है।









