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धवारी चौराहे पर कांग्रेस का ‘वोट चोरी’ के खिलाफ प्रदर्शन, कल्पना वर्मा बोलीं.. एक वोट कागज का निशान नहीं, लोकतंत्र में नागरिक की आवाज है…..

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सतना। मतदाता सूची में पारदर्शिता और मताधिकार की सुरक्षा की मांग को लेकर कांग्रेस ने धवारी चौराहे पर विरोध प्रदर्शन किया। सभा में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने वोट चोरी के मुद्दे को लेकर आवाज उठाई। इस दौरान पूर्व विधायक कल्पना वर्मा ने कहा कि आज हम यहां किसी राजनीतिक दल के खिलाफ नहीं, बल्कि भारत के हर नागरिक के मताधिकार की सुरक्षा और लोकतंत्र में जनता के विश्वास की रक्षा के लिए खड़े हैं।

कल्पना वर्मा ने कहा कि SIR यानी Special Intensive Revision को लेकर देश के अलग-अलग हिस्सों में मतदाता सूची, दस्तावेजों के सत्यापन, नामों के विलोपन और पात्र मतदाताओं के अधिकारों को लेकर सवाल और आशंकाएं सामने आई हैं। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची को शुद्ध और त्रुटिरहित बनाना जरूरी है, लेकिन यह भी उतना ही जरूरी है कि किसी पात्र नागरिक का नाम गलती, तकनीकी कमी या दस्तावेजी परेशानी के कारण मतदाता सूची से बाहर न हो।

उन्होंने कहा कि 27 मई 2026 के अपने फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने बिहार में SIR की वैधानिकता से जुड़े सवालों पर निर्णय दिया और प्रक्रिया में मतदाताओं के लिए सुरक्षा उपायों के महत्व पर भी विचार किया।

कल्पना वर्मा ने कहा कि हमारा सवाल SIR करने के अधिकार पर नहीं, बल्कि उसके क्रियान्वयन में पारदर्शिता, जवाबदेही और प्रत्येक पात्र मतदाता के अधिकारों की सुरक्षा पर है। उन्होंने राष्ट्रपति के माध्यम से मांग रखी कि SIR की प्रक्रिया और उसके अनुपालन की स्वतंत्र एवं निष्पक्ष उच्चस्तरीय समीक्षा कराई जाए। साथ ही मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार की SIR से संबंधित भूमिका और निर्णयों की निष्पक्ष जांच की मांग की। निर्वाचन आयोग की आधिकारिक जानकारी के अनुसार ज्ञानेश कुमार वर्तमान में मुख्य निर्वाचन आयुक्त हैं।

उन्होंने मांग की कि जिन मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं या हटाए जाने की प्रक्रिया में हैं, उन्हें प्रभावी सूचना, सुनवाई और अपील का अवसर मिले। किसी पात्र भारतीय नागरिक का मताधिकार केवल दस्तावेजी कमी या तकनीकी त्रुटि के कारण प्रभावित न हो और नाम हटाने के कारणों तथा दावे-आपत्तियों के निस्तारण से जुड़े आंकड़े जनता के सामने पारदर्शी तरीके से रखे जाएं।

पूर्व विधायक ने कहा कि लोकतंत्र केवल चुनाव कराने का नाम नहीं है। लोकतंत्र का अर्थ है कि हर पात्र नागरिक को अपनी आवाज और अपना वोट देने का समान अधिकार मिले। उन्होंने कहा कि हमारी लड़ाई किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं है, बल्कि मांग है कि व्यक्ति कोई भी हो और संस्था कितनी भी बड़ी हो, निर्वाचन प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही सर्वोच्च होनी चाहिए।

सभा के दौरान कल्पना वर्मा ने कहा कि एक वोट केवल एक कागज का निशान नहीं है, वह भारत के लोकतंत्र में एक नागरिक की आवाज है। उन्होंने कहा कि मतदाता का अधिकार सुरक्षित होना चाहिए, मतदाता सूची में पारदर्शिता होनी चाहिए और चुनाव प्रक्रिया में जनता का विश्वास कायम रहना चाहिए। प्रदर्शन के समापन पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जय हिंद, जय संविधान और लोकतंत्र जिंदाबाद के नारे लगाए।

Amit Mishra
Author: Amit Mishra

Group Editor, Rewanchal Roshni News Group

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