रीवा। रीवा संभाग के कमिश्नर शीलेंद्र सिंह ने एक करोड़ रुपये से अधिक लागत वाले निर्माण कार्यों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों और ठेकेदारों को स्पष्ट संदेश दिया कि सड़क, पुल और भवन निर्माण कार्य तय समय-सीमा में गुणवत्ता के साथ पूरे किए जाएं। उन्होंने चेतावनी दी कि लापरवाही, देरी या अधूरे कार्य करने वाले ठेकेदारों पर प्राथमिकता से पेनाल्टी लगाई जाए और किसी भी स्तर पर ढिलाई स्वीकार नहीं की जाएगी।

गुरुवार को कमिश्नर कार्यालय में आयोजित समीक्षा बैठक में उन्होंने मध्यप्रदेश ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण, सड़क विकास निगम, सेतु विकास निगम, हाउसिंग बोर्ड, भवन विकास निगम तथा अन्य निर्माण एजेंसियों के कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। बैठक में सतना और सिंगरौली के लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के कार्यपालन यंत्रियों की अनुपस्थिति पर उन्होंने कड़ी नाराजगी जताते हुए दोनों अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।

कमिश्नर ने हाउसिंग बोर्ड के अधिकारियों को विभिन्न आवासीय भवनों और विद्यालयों के निर्माण कार्य शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए। साथ ही कहा कि सभी अधिकारी नियमित रूप से ठेकेदारों के संपर्क में रहें और निर्माण कार्यों में किसी प्रकार की अनावश्यक देरी न होने दें।
बैठक में बताया गया कि रीवा के सिरमौर चौक स्थित 48 दुकानों, सिविल लाइन हॉकर्स जोन एवं पार्क, जिला चिकित्सालय की ओपीडी एवं धर्मशाला, परिसर विकास तथा वेंकट क्लब के नवीन भवन का निर्माण पूरा कर संबंधित एजेंसियों को सौंप दिया गया है।
कमिश्नर ने आरओबी, वीयूपी, बीहर और नैना नदी पर बन रहे पुलों सहित विभिन्न सड़क परियोजनाओं को समय-सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि हर निर्माण कार्य में गुणवत्ता सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। साथ ही मैहर, अमरपाटन, नागौद और रामनगर में निर्माणाधीन सीएम राइज (सांदीपनि) स्कूलों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि बजट की कमी के कारण कोई भी विकास कार्य प्रभावित नहीं होना चाहिए।









