Edition

Haryana News: मेट्रो स्टेशनों और बस अड्डों के आसपास मिक्स्ड लैंड यूज लागू, व्यावसायिक गतिविधियों को बढ़ावा

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

चंडीगढ़.

हरियाणा के शहरी क्षेत्रों में अब मेट्रो, रेलवे स्टेशन और बस अड्डों के पास स्थित अफोर्डेबल ग्रुप हाउसिंग कालोनियों में दुकानें, कारोबार और संस्थान चल सकेंगे। ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट (टीओडी) नीति के तहत अफोर्डेबल ग्रुप हाउसिंग कॉलोनियों को मिक्स्ड लैंड यूज (मिश्रित भूमि उपयोग) में बदलने की छूट दी जाएगी।

हालांकि, ऐसी कालोनियों के लाइसेंस में बदलाव के बावजूद बिल्डरों और कालोनाइजर्स को न्यूनतम 70 प्रतिशत हिस्से में आवासीय सुविधाएं, जबकि न्यूनतम 7.5 प्रतिशत से लेकर अधिकतम 30 प्रतिशत हिस्से में व्यावसायिक गतिविधियां सुनिश्चित करनी होंगी। नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग के निदेशक अमित खत्री ने टीओडी पॉलिसी के तहत अफोर्डेबल ग्रुप हाउसिंग कालोनी को मिक्स्ड लैंड यूज कालोनी में बदलने की अनुमति देने के संबंध में निर्देश जारी कर दिए हैं। टीओडी एक आधुनिक शहरी नियोजन रणनीति है, जिसका इसका मुख्य उद्देश्य मेट्रो, रेलवे स्टेशन और बस अड्डों जैसे सार्वजनिक परिवहन केंद्रों के आसपास सघन, बहुउद्देशीय (आवासीय और व्यावसायिक) क्षेत्र विकसित करना है, ताकि लोग निजी वाहनों पर निर्भर रहने के बजाय पैदल या साइकिल से यात्रा कर सकें।

सरकार के पास लगातार टीओडी जोन में आने वाली अफोर्डेबल ग्रुप हाउसिंग कालोनी को टीओडी पालिसी के तहत मिक्स्ड लैंड यूज कालोनी में बदलने के अनुरोध मिल रहे हैं। लेकिन इसमें 19 अगस्त 2013 को अधिसूचित पालिसी का क्लाज iii बाधा बन रहा था, जो अफोर्डेबल ग्रुप हाउसिंग पालिसी के तहत दिए गए लाइसेंसों को सामान्य ग्रुप हाउसिंग कालोनी में बदलने पर रोक लगाता है। सरकार के स्तर पर मंथन के बाद टीओडी जोन में स्थित अफोर्डेबल ग्रुप हाउसिंग कालोनियों को मिक्स्ड लैंड यूज कालोनियों में बदलने की अनुमति देने का निर्णय लिया गया है, क्योंकि इससे ग्रुप हाउसिंग कालोनी के लिए 30 एकड़ की कुल क्षेत्र सीमा पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा है, जो आवासीय क्षेत्र में ग्रुप हाउसिंग लाइसेंस के 20 प्रतिशत शुद्ध नियोजित क्षेत्र (एनपीए) से अलग है। पालिसी के अनुसार टीओडी जोन में लाइसेंस देने के लिए कोई क्षेत्र सीमा नहीं है। नियमों में बदलाव से सरकार को अतिरिक्त राजस्व प्राप्त होगा।

टीओडी जोन के बाहर नहीं मिलेगी राहत
किसी भी ग्रुप हाउसिंग कालोनी को टीओडी जोन के बाहर लाइसेंस बदलने की अनुमति नहीं दी जाएगी। लाइसेंस बदलवाने के इच्छुक कालोनाइजर्स को आवंटियों के अधिकारों की सुरक्षा के लिए शपथपत्र देना होगा कि कालोनी में किसी तीसरे पक्ष का अधिकार नहीं है और प्रोजेक्ट हरियाणा रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथारिटी (हरेरा) के साथ रजिस्टर्ड नहीं है। यदि संपत्ति के थर्ड पार्टी अधिकार पहले ही बनाए जा चुके हैं, तो डेवलपर को सभी आवंटियों की लिखित सहमति प्राप्त करना अनिवार्य होगा। कॉलोनी में आवास के लिए 70 प्रतिशत और सहायक गतिविधियों के 30 प्रतिशत हिस्सा सुनिश्चित करना होगा। हालांकि व्यावसायिक हिस्सा को न्यूनतम 7.5 प्रतिशत तक किया जा सकता है।

Aditya
Author: Aditya

Share करें

✓ Link copy हो गया!

Leave a Comment

और पढ़ें

error: Content is protected !!