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कमीशन की कथित कुंडली आई सामने! निलंबित उपयंत्री ने बताए परसेंटेज के पड़ाव, जनपद से भोपाल तक लगाए गंभीर आरोप……

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निलंबित इंजीनियर ने कहा- कौन माई का लाल है जो जनपद से लेकर भोपाल तक पैसे नहीं ले रहा हो….

सतना। जनपद पंचायत मझगवां के निलंबित उपयंत्री सतीश समेले द्वारा दिए गए बयान ने पूरे जनपद प्रशासनिक सिस्टम को सवालों के घेरे मे खड़ा कर दिया है,

 

बंदूक लेकर निर्माण कार्य का निरीक्षण करने के मामले में निलंबन के बाद समेले ने अपने दिए गए बयान मे दावा किया है कि विकास कार्यों में कथित तौर पर परसेंटेज सिस्टम वर्षों से संचालित है। समेले के आरोपों ने सरकारी कार्यप्रणाली और विकास कार्यों में पारदर्शिता को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

 

अपने बयान में समेले ने दावा किया कि किसी भी विकास कार्य की राशि जारी होने और भुगतान की प्रक्रिया में कथित तौर पर कई स्तरों पर कमीशन लिया जाता है। उन्होने बताया कि सरपंच को 10 प्रतिशत, सचिव को 5 प्रतिशत, जीआरएस को 3 प्रतिशत, सब इंजीनियर को 5 प्रतिशत, सहायक यंत्री को 2 प्रतिशत और जनपद सीईओ को 2 से 3 प्रतिशत तक हिस्सा जाता है।

समेले यहीँ नहीं रुके उन्होंने आगे आरोप लगाया कि जनपद स्तर से लेकर जिला और भोपाल स्तर तक निरीक्षण, स्वीकृति और अन्य प्रक्रियाओं से जुड़े कुछ अधिकारियों तक भी कथित तौर पर रकम पहुंचाई जाती है।

उन्होंने दावा किया कि निरीक्षण के लिए आने वाली विभिन्न टीमों को भी कथित रूप से भुगतान किया जाता है। समेले का कहना है कि उनके पास इन आरोपों से जुड़े ऑडियो, वीडियो और अन्य दस्तावेजी साक्ष्य हैं, जिन्हें वे न्यायालय में प्रस्तुत करेंगे।

गौरतलब है कि जिला पंचायत सीईओ ने बंदूक लेकर निरीक्षण करने के वायरल वीडियो, कर्मचारियों से दुर्व्यवहार तथा सरपंच-सचिवों की शिकायतों के आधार पर सतीश समेले को निलंबित किया है।

 

Amit Mishra
Author: Amit Mishra

Group Editor, Rewanchal Roshni News Group

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