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‘वी वांट संजू’ से टीम चयन तक… चौथे टी20 में भारत के सामने करो या मरो की चुनौती

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नई दिल्ली
भारतीय समयानुसार रात 10 बजे शुरू होने वाला यह मुकाबला खिलाड़ियों के लिए जितना अहम है, उतना ही कोच गौतम गंभीर और चयन समिति के लिए भी. इंग्लैंड की तेज और उछाल भरी पिचों पर भारतीय बल्लेबाज अब तक पूरी तरह बेबस नजर आए हैं. ट्रेंट ब्रिज में तो पूरी टीम सिर्फ 76 रनों पर ढेर हो गई थी, जिसने भारतीय क्रिकेट में नई बहस छेड़ दी.

सबसे बड़ा सवाल… क्या लौटेंगे संजू?
टीम चयन की सबसे बड़ी चर्चा संजू सैमसन को लेकर है. दूसरे और तीसरे टी20 में उन्हें बाहर बैठाकर 15 साल के वैभव सूर्यवंशी को मौका दिया गया. वैभव ने उम्मीदें भी जगाईं और निराश भी नहीं किया, लेकिन वह ऐसा प्रभाव भी नहीं छोड़ सके… जिससे टीम की बल्लेबाजी बदल जाती.

इसी बीच ट्रेंट ब्रिज स्टेडियम के बाहर गूंजे 'वी वांट संजू' के नारे इस फैसले पर जनता की राय साफ बता चुके हैं. दिलचस्प बात यह है कि खुद गौतम गंभीर भी संजू की वापसी की संभावना से इनकार नहीं कर चुके हैं. ऐसे में ब्रिस्टल में सबसे बड़ी नजर टीम शीट पर होगी.

श्रेयस अकेले जिम्मेदार नहीं
श्रेयस अय्यर अपनी वापसी वाली सीरीज में पहली जीत की तलाश में हैं, लेकिन लगातार हार का ठीकरा सिर्फ कप्तान पर नहीं फोड़ा जा सकता. टीम चयन, बल्लेबाजी क्रम और रणनीतिक फैसलों ने भी सवाल खड़े किए हैं.

तीसरे टी20 में पावरप्ले के दौरान तय फिनिशर शिवम दुबे से पहले हर्षित राणा को बल्लेबाजी भेजना ऐसा फैसला रहा, जिसने आलोचकों को टीम प्रबंधन पर हमला करने का मौका दे दिया. बल्लेबाजी की यह उलझन अब ब्रिस्टल में सुलझानी ही होगी.

उपकप्तान तिलक वर्मा निशाने पर
अगर संजू सैमसन की वापसी होती है तो किसी बल्लेबाज को बाहर बैठना पड़ेगा. ईशान किशन की विकेटकीपिंग और आक्रामक बल्लेबाजी के कारण उनकी जगह लगभग सुरक्षित मानी जा रही है. ऐसे में सबसे ज्यादा दबाव उपकप्तान तिलक वर्मा पर है.

आयरलैंड के खिलाफ अर्धशतक के अलावा तिलक लगातार बड़ी पारी खेलने में नाकाम रहे हैं. इंग्लैंड दौरे पर भी उन्होंने अच्छी शुरुआत को बड़े स्कोर में नहीं बदला. इसलिए टीम प्रबंधन बल्लेबाजी क्रम में बदलाव का जोखिम उठा सकता है.

सिर्फ बल्लेबाजी नहीं, गेंदबाजी भी चिंता
भारत की परेशानी सिर्फ बल्ले से नहीं है. 'मिस्ट्री स्पिनर' वरुण चक्रवर्ती पूरी सीरीज में प्रभाव छोड़ने में नाकाम रहे हैं. 7 ओवर में सिर्फ एक विकेट उनके प्रदर्शन की कहानी कह देता है.

दूसरी ओर इंग्लैंड के जोफ्रा आर्चर और जोश टंग नई गेंद से लगातार भारतीय बल्लेबाजों की परीक्षा ले रहे हैं. तीसरे टी20 में दोनों ने मिलकर सात विकेट झटके और भारत के शीर्ष क्रम को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया.

इंग्लैंड के पास बढ़त, भारत के पास आखिरी मौका
हैरी ब्रूक की कप्तानी वाली इंग्लैंड टीम आत्मविश्वास से भरी हुई है. फिल साल्ट शानदार फॉर्म में हैं, जबकि आर्चर-टंग की तेज जोड़ी भारतीय बल्लेबाजों के लिए सबसे बड़ा खतरा बनी हुई है.

भारत के सामने चुनौती सिर्फ मैच जीतने की नहीं, बल्कि यह साबित करने की भी है कि टीम लगातार प्रयोगों से आगे बढ़कर अब परिणाम देने के लिए तैयार है. ब्रिस्टल में जीत मिली तो सीरीज की उम्मीदें जिंदा रहेंगी, लेकिन एक और हार नए टीम मैनेजमेंट की रणनीति पर पहले से कहीं बड़े सवाल खड़े कर देगी.

Aditya
Author: Aditya

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