वृंदावन के दिव्य रामनामी संत विराट नगर में दे रहे दर्शन, श्रद्धालु पहुंच ले रहे आशीर्वाद…….
वृंदावन के पूज्य रामनामी संत श्री राम सुभग जी महाराज, जिन्हें देशभर के श्रद्धालु श्रद्धापूर्वक फट्टी बाबा महाराज के नाम से जानते हैं, इन दिनों सतना के विराट नगर स्थित अमकुई निवासी राजा सिंह के निवास पर विराजमान हैं। पिछले लगभग दस दिनों से यहां प्रतिदिन सतना सहित विंध्य क्षेत्र और दूर-दराज़ से श्रद्धालु उनके दर्शन एवं आशीर्वाद प्राप्त करने पहुंच रहे हैं। उनके आगमन से श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह और भक्ति का वातावरण बना हुआ है।
123 वर्ष की आयु, आजीवन ब्रह्मचर्य और कठोर तपस्या…… भक्तों के अनुसार, महाराज का जन्म उमरिया जिले के समीप स्थित दरसिला गांव में हुआ था और उनकी आयु लगभग 123 वर्ष है। वर्तमान में वे वृंदावन के अटल्ला चुंगी स्थित शरणागत आश्रम में निवास करते हैं। चित्रकूट, अयोध्या सहित अनेक पवित्र तीर्थों में भी उनके आश्रम हैं। आजीवन ब्रह्मचारी रहे फट्टी बाबा महाराज सादगी, त्याग और तपस्या के प्रतीक माने जाते हैं। बढ़ती आयु के कारण उन्हें कम दिखाई देता है, फिर भी वे झुककर स्वयं चल लेते हैं।
एक वस्त्र में जीवन, दिनभर आराधना और एक समय प्रसाद…… महाराज वर्षभर केवल एक ही वस्त्र धारण करते हैं। भीषण गर्मी, कड़ाके की सर्दी या वर्षा हर मौसम में उनका जीवन वैराग्य और साधना का उदाहरण बना हुआ है। वे दिनभर एकांत में भगवान श्रीराम की भक्ति में लीन रहते हैं और प्रतिदिन केवल शाम 7 से 8 बजे के बीच एक बार प्रसाद ग्रहण करते हैं। सामान्यतः उनका कक्ष बंद रहता है। जब भक्त बाहर बैठकर “सीताराम” का कीर्तन करते हैं, तब वे बाहर आकर दर्शन देते हैं।
रामभक्ति ही जीवन का संदेश, दिखावे से सदैव दूर…. देशभर के सामान्य श्रद्धालुओं से लेकर अनेक प्रतिष्ठित उद्योगपति और संपन्न परिवार भी उनके शिष्य बताए जाते हैं, लेकिन फट्टी बाबा महाराज स्वयं सदैव प्रसिद्धि, वैभव और दिखावे से दूर रहते हैं। वे किसी प्रकार के चमत्कार या भविष्यवाणी का दावा नहीं करते, बल्कि केवल राम नाम के स्मरण, सदाचार, सेवा, संयम और ईश्वर भक्ति का संदेश देते हैं।
भक्तों की आस्था का केंद्र बने फट्टी बाबा…….. श्रद्धालुओं की मान्यता है कि महाराज परम हनुमान भक्त हैं और उनके मुखारविंद से समय-समय पर निकली कई दिव्य बातें सत्य सिद्ध हुई हैं। हालांकि स्वयं महाराज हमेशा यही कहते हैं कि मनुष्य को भविष्य जानने की नहीं, बल्कि भगवान श्रीराम की भक्ति में जीवन लगाने की आवश्यकता है। उनका सरल जीवन, कठोर तप और आध्यात्मिक तेज आज भी हजारों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र बना हुआ है….
सतना में उनके प्रवास को श्रद्धालु अपने लिए सौभाग्य का अवसर मान रहे हैं। प्रतिदिन बड़ी संख्या में भक्त विराट नगर पहुंचकर उनके दर्शन कर रहे हैं और रामभक्ति, सदाचार तथा सुखी जीवन का आशीर्वाद प्राप्त कर रहे हैं….












