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नक्सली संगठन के दबाव में हुई नसबंदी, आत्मसमर्पित नक्सलियों का माइक्रोसर्जरी से उपचार

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जगदलपुर.

बस्तर में पुनर्वास की एक अनोखी पहल ने कई परिवारों के जीवन में नई खुशियां लौटाई हैं. महारानी अस्पताल में आत्मसमर्पित पूर्व नक्सलियों के लिए विशेष सर्जिकल शिविर आयोजित किया गया. शिविर में रिवर्स वासेक्टॉमी जैसी जटिल माइक्रोसर्जरी की गई.

ये वे लोग हैं, जिन्हें कभी नक्सली संगठन के दबाव में नसबंदी करानी पड़ी थी. देश के विशेषज्ञ चिकित्सकों ने स्वैच्छिक सेवाएं देकर ऑपरेशन किए. दो चरणों में अब तक 73 सफल सर्जरी पूरी की जा चुकी हैं. इस पहल का उद्देश्य प्रभावित परिवारों को सामान्य पारिवारिक जीवन लौटाना है. चिकित्सकों ने इसे मानवीय सेवा का अनूठा उदाहरण बताया.

अभियान के सकारात्मक परिणाम भी सामने आने लगे हैं. कुछ परिवारों में बच्चों की किलकारियां फिर गूंजने लगी हैं. पुलिस और प्रशासन इसे पुनर्वास मॉडल की बड़ी सफलता मान रहे हैं. बस्तर में बंदूक छोड़ चुके लोगों के जीवन में यह पहल नई उम्मीद लेकर आई है.

Aditya
Author: Aditya

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