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एक पेड़ माँ के नाम अभियान के तहत विद्यार्थियों ने दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश

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रायपुर

 नो बैग डे राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत स्कूली बच्चों का शैक्षणिक बोझ और मानसिक तनाव कम करने की एक पहल है, जिसमें छात्र बिना किताबों के स्कूल जाते हैं। इस दिन खेलकूद, कला, और रचनात्मक गतिविधियां कराई जाती हैं। छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले के बस्तामुक्त विद्यालय शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला रुनियाडीह में शनिवार को नो बैग डे के अवसर पर पोषण वाटिका निर्माण एवं वृक्षारोपण कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम सूरजपुर कलेक्टर मती रेना जमील के निर्देशन व मार्गदर्शन में संपन्न हुआ, जिसमें विद्यालय परिसर में पौधरोपण के साथ पोषण वाटिका के रख-रखाव के लिए विशेष श्रमदान किया गया।

यूथ एवं इको क्लब की अगुवाई में हुआ श्रमदान
         
संस्था प्रमुख  सीमांचल त्रिपाठी ने बताया कि यूथ एवं इको क्लब की प्रभारी मती एम. टोप्पो के नेतृत्व में क्लब अध्यक्ष वर्षा राजवाड़े सहित छात्र-छात्राओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। विद्यार्थियों ने पोषण वाटिका से खरपतवार हटाकर पौधों की उचित देखभाल की और समाज को पर्यावरण संरक्षण का सुंदर संदेश दिया।

एक पेड़ माँ के नाम अभियान के तहत रोपे गए पौधे
        
प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के एक पेड़ माँ के नाम अभियान तथा मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय की मंशानुरूप शासकीय उद्यान दतिमा से पौधे प्राप्त किए गए। परिसर में नीम, पीपल, आम, पपीता, मुनगा एवं केला सहित विभिन्न प्रकार के फलदार व छायादार पौधे लगाए गए। इसके साथ ही पोषण वाटिका में बरबटी, लौकी और करेला की सब्जियों के बीज भी रोपे गए।

विद्यार्थियों के पोषण का जरिया बन रही वाटिका
        
संस्था प्रमुख ने बताया कि विद्यालय परिसर में पूर्व से ही आम, जामुन, कटहल, अमरूद, पपीता, केला और अनानास जैसे फलदार वृक्ष मौजूद हैं, जो विद्यार्थियों के दैनिक पोषण का मुख्य माध्यम बन रहे हैं। इस अवसर पर शिक्षक  रिजवान अंसारी, मती सुमित्रा राजवाड़े, नान दईया तथा बाल कैबिनेट के सदस्यों ने सक्रिय सहभागिता निभाकर कार्यक्रम को सफल बनाया।

Aditya
Author: Aditya

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