Edition

बिरसा मुंडा स्मृति पार्क में ट्राइबल बाजार, संस्कृति और प्रदर्शनी बनेगी आकर्षण

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

रांची
 राज्य सरकार विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर प्रत्येक वर्ष नौ अगस्त को आदिवासी महोत्सव का आयोजन करती है। पिछले वर्ष दिशोम गुरु शिबू सोरन के निधन के कारण इस अवसर पर आदिवासी महोत्सव का आयोजन नहीं हो सका था।

इस वर्ष आदिवासी महोत्सव को भव्य बनाने की तैयारी है। इस बार यह आयोजन तीन दिनों का होगा। राज्य सरकार इसकी तैयारी में जुट गई है। इस वर्ष भी आदिवासी महोत्सव रांची स्थित बिरसा मुंडा स्मृति पार्क में आयोजित किया जाएगा।

इस बार ट्राइबल बाजार इस महोत्सव का विशेष आकर्षण होगा, जिसमें जनजातीय समुदाय द्वारा तैयार सामग्री की प्रदर्शनी लगाई जाएगी। इसके अलावा जनजातीय कला एवं संस्कृति, उनके खान-पान, झारखंड और राष्ट्र के निर्माण में जनजातीय समुदाय की भूमिका को रेखांकित करनेवाली भी प्रदर्शनी लगाई जाएगी।

इस बार प्रदर्शनी को एक पारंपरिक प्रदर्शनी के बजाय एक इमर्सिव कल्चरल इकोसिस्टम के तौर पर डिज़ाइन करने का निर्णय लिया गया है। एक नालेज ज़ोन भी होगा, जिसमें लोगों को जनजातीय समुदाय की विशेषताओं की जानकारी दी जाएगी।

इकोनामिक जोन में आगंतुकों के खाने-पीने आदि के अलावा सेल्फ हेल्प ग्रुप द्वारा तैयार हैंडीक्राफ्ट, हैंडलूम आदि के स्टाल भी लगाए जाएंगे। महोत्सव की शुरुआत जतरा से होगी, जिसमें बड़ी संख्या में स्थानीय कलाकार सम्मिलित होंगे। इसमें 10 हजार लोगों के शामिल होने का अनुमान लगाया गया है।

ड्रोन, लेजर एवं लाइट शो में दिखेगी जनजातीय संस्कृति
तीन दिनों के आयोजन में ड्रोन एवं लाइट शो भी हाेगा। लेजर शो भी होगा। इसमें जनजातीय संस्कृति को प्रदर्शित किया जाएगा। कार्यक्रम के समापन पर फायरवर्क शो भी हाेगा।

दिशोम गुरु पर केंद्रित कई कार्यक्रम
इस बार आदिवासी महोत्सव में पद्म भूषण दिशोम गुरू शिबू सोरेन पर केंद्रित कई कार्यक्रम आयोजित होंगे। विभिन्न प्रकार के शो के अलावा एलईडी के माध्यम से झारखंड के निर्माण में उनके योगदान को दर्शाया जाएगा।

 

Aditya
Author: Aditya

Share करें

✓ Link copy हो गया!

Leave a Comment

और पढ़ें

error: Content is protected !!