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सरकार का नया फैसला बना चर्चा का विषय, क्या बंद हो जाएंगी गैस एजेंसियां? जानिए पूरा मामला

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 रामपुर
 सरकार एलपीजी (लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस) के बजाय अब पीएनजी (पाइप्ड नेचुरल गैस) को बढ़ावा दे रही है। जिले में भी तेजी से पीएनजी के उपभोक्ता बढ़ रहे हैं। अब शासन ने आदेश दिए हैं कि एलपीजी इस्तेमाल करने वाले शत-प्रतिशत उपभोक्ताओं के घरों तक पीएनजी पहुंचाई जाए।

इसके बाद पीएनजी अपनाने वाले उपभोक्ताओं को एलपीजी कनेक्शन सरेंडर करना होगा। इससे भले ही उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी, लेकिन गैस एजेंसी पर बंदी का संकट आ जाएगा। साथ ही वहां काम करने वाले सैकड़ों स्टाफ और डिलीवरीमैन भी बेरोजगार हो जाएंगे।

अमेरिका और इजरायल के बीच ईरान को लेकर चल रहे युद्ध का सबसे ज्यादा असर पेट्रोलियम पदार्थों पर पड़ा है। एलपीजी की सप्लाई प्रभावित हुई है, जिसके कारण सरकार का पूरा जोर अब पीएनजी पर है।

मुख्य सचिव उत्तर प्रदेश शासन एसपी गोयल ने सभी जिलों के डीएम को पत्र भेजा है, जिसमें एलपीजी उपभोक्ताओं को पीएनजी में स्विच कराने के आदेश दिए गए हैं।

पत्र में युद्ध के कारण होर्मुज जलडमरु मध्य क्षेत्र में हाल की घटनाओं के कारण एलपीजी पर निर्भरता कम करने और खाना पकाने के ईंधन के रूप में पीएनजी के इस्तेमाल को बढ़ावा देने के लिए प्रभावी आवश्यक कार्रवाई किए जाने के निर्देश भी दिए हैं।

इसके लिए जिला प्रशासन को अपने जिले में संचालित गैस एजेंसियों संचालकों एवं प्रतिनिधियों के साथ समन्वय स्थापित करते हुए उपलब्धता के आधार पर एलपीजी उपभोक्ताओं को शत-प्रतिशत पीएनजी पर स्विच कराने के लिए तत्काल कार्रवाई को कहा गया है।

गैस एजेंसी संचालकों की पीड़ा
गैस एजेंसी का काम अब फायदे वाला नहीं रह गया है। कई साल से एजेंसियों का कमीशन तक नहीं बढ़ा है। पीएनजी आने से एजेंसियों पर संकट मंडराने लगा है। हम इसका विरोध नहीं करते हैं, लेकिन एक एजेंसी से कई परिवार जुड़े हैं। सरकार को इस पर भी ध्यान देना चाहिए। – राजेंद्र प्रसाद, राजेंद्र गैस एजेंसी।

धीरे-धीरे एलपीजी उपभोक्ता पीएनजी में तब्दील हो जाएंगे तो गैस एजेंसी संचालकों के पास आजीविका की समस्या खड़ी हो जाएगी। गैस एजेंसी से संचालक के अलावा 20 से 25 लोगों का परिवार पलता है। सरकार को इनके विषय में भी विचार करना चाहिए। – अमित दिवाकर, अध्यक्ष रामपुर एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर्स फेडरेशन।

पीएनजी की व्यवस्था महानगरों में पहले से व्यवहार में थी, लेकिन केंद्र सरकार ने 14 मार्च 2026 को अधिसूचना जारी कर इसे पूरे देश में स्पष्ट कानूनी प्रविधान के रूप में लागू कर दिया है। अब एलपीजी वालों को एलपीजी कनेक्शन सरेंडर करना होगा। – अंकित जैन, टांडा गैस सर्विस।

सरकार का जोर अब पीएनजी पर है। जिले में हिंदुस्तान पेट्रोलियम कंपनी द्वारा पीएनजी का कार्य किया जा रहा है। प्रदेश सरकार की मंशा के अनुरूप तेजी से काम किया जा रहा है। पीएनजी के करीब दो हजार कनेक्शन हो चुके हैं। – नीरज कुमार, एरिया मैनेजर एचपी।

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Author: Editor

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