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महापौर-आयुक्त की जंग में फंसा शहर! महापौर का कमिश्नर पर सीधा प्रहार- जलभराव पर लिखा पत्र, कार्यशैली पर गंभीर सवाल….

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मैं कमिश्नर की कार्यप्रणाली से दुखी हूं- जलभराव पर महापौर का पत्र बम, निगम की लापरवाही पर उठे बड़े सवाल.!

महापौर का आरोप… 60 सफाई कर्मियों की भर्ती अटकी, पहली बारिश में शहर की बदहाल व्यवस्था पर गरमाई सियासत….

 

सतना। नगर निगम सतना में महापौर और निगम आयुक्त के बीच बढ़ता टकराव एक बार फिर खुलकर सामने आया है, शहर में हुई पहली बारिश के बाद कई क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति बनने पर महापौर योगेश ताम्रकार ने निगम आयुक्त को पत्र लिखकर सफाई व्यवस्था, जल निकासी तंत्र और प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं, 

महापौर ने आरोप लगाया है कि समय रहते आवश्यक निर्णय नहीं लिए जाने के कारण शहरवासियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।

आज 1 जून 2026 को जारी पत्र में महापौर ने उल्लेख किया है कि वर्षा ऋतु से पहले नालों की सफाई और जल निकासी व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए स्वास्थ्य शाखा द्वारा 27 मार्च 2026 को तीन महीने के लिए 60 आउटसोर्स सफाई कर्मियों की भर्ती संबंधी फाइल आयुक्त कार्यालय को भेजी गई थी, लेकिन दो माह से अधिक समय बीत जाने के बाद भी फाइल पर कोई स्वीकृति या कार्रवाई नहीं की गई।

महापौर ने कहा कि यह पत्र उन्होंने बड़े दुखी मन से लिखा है, उनके अनुसार हर वर्ष गर्मी के मौसम में 90 दिनों के लिए अतिरिक्त सफाई कर्मियों की भर्ती की जाती है ताकि छोटे-बड़े नालों की सफाई कर जलभराव की स्थिति रोकी जा सके, उन्होंने बताया कि जब उन्होंने स्वास्थ्य अधिकारी से भर्ती नहीं होने का कारण पूछा तो उन्हें बताया गया कि फाइल पहले ही आयुक्त कार्यालय भेजी जा चुकी है, लेकिन वहां से कोई निर्णय नहीं लिया गया।

महापौर ने आरोप लगाया कि पहली ही बारिश में शहर के कई हिस्सों में पानी भरने लगा, जबकि जनता लगातार शिकायतें कर रही है, उन्होंने कहा कि लोग जवाब महापौर से मांगते हैं, लेकिन फाइलें महीनों तक लंबित रहने से व्यवस्थाएं चरमरा रही हैं,

 

महापौर ने यह भी दावा किया कि कई विकास और जनहित से जुड़ी फाइलें लंबे समय से अटकी हुई हैं, जिससे कार्य प्रभावित हो रहे हैं।

महापौर ने कहा कि उन्होंने आयुक्त की कार्यशैली और लंबित मामलों की जानकारी भोपाल स्थित वरिष्ठ अधिकारियों तक भी पहुंचाई है, पत्र की प्रतिलिपि नगरीय विकास एवं आवास विभाग तथा नगरीय प्रशासन विभाग को भी भेजी गई है, ऐसे में अब सवाल यह है कि प्रशासनिक खींचतान के बीच शहर की बदहाल व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी कौन लेगा और राहत के इंतजार में बैठी जनता को समाधान कब मिलेगा……

नाले की सफाई के बाद मलवा उठाना भूले जिम्मेदार, चंद मिनट की बारिश मे ही गहरा नाला नई बस्ती रोड में फैली गंदगी….👇

 

चंद मिनटों की बारिश में शहर का हाल भी हाल बेहाल….. 👇

Amit Mishra
Author: Amit Mishra

Group Editor, Rewanchal Roshni News Group

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