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बिहार की राजधानी को मिलेगा नया नाम! पटना बनेगा पाटलिपुत्र, CM सम्राट चौधरी की घोषणा

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पटना 

बिहार की राजधानी पटना का नाम अब पाटलिपुत्र होगा. मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने ये ऐलान किया. उन्होंने सहयोग शिविर के दौरान फुलवारी शरीफ के नदियावां में लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि पटना का नाम अब पाटलिपुत्र होगा. बता दें कि ये कोई नया नाम नहीं है बल्कि राजधानी का प्राचीन नाम है. पटना एक बार फिर अपने प्राचीन नाम पाटलिपुत्र से जाना जाएगा. एनडीए शासित कई राज्यों में जगहों के नाम बदले जा चुके हैं. अब बिहार की राजधानी पटना को भी नई पहचान मिल गई है. हालांकि ये नाम पुराना है जो फिर से पटना को मिल गया है। 

सीएम सम्राट चौधरी ने कहा कि पटना की पहचान एक नए शहर पाटलिपुत्र के नाम से होनी चाहिए. कई लोग मुद्दा बनाते हैं कि ये ये मगध की राजधानी था और इसका नाम पाटलिपुत्र था. इसका नाम बदल देना चाहिए.उन्होंने कहा कि मैंने तो इससे बड़े पटना की कल्पना की है और उसका नाम भी पाटलिपुत्र रखने का काम किया है. उन्होंने कहा कि अब किसी को दिक्कत नहीं होगी।  

उन्‍होंने कहा कि अपराध‍ियों के लिए बिहार में कोई जगह नहीं है। उन्‍हें नेपाल ही भागना होगा, क्‍योंक‍ि यूपी में योगी बाबा, पश्‍च‍िम बंगाल में शुभेंदु अधिकारी दादा और बिहार में सम्राट बैठा है।  

इस दौरान उन्होंने कहा कि सरकार बड़े पटना की परिकल्पना पर काम कर रही है और इसकी पहचान भविष्य में पाटलिपुत्र के नाम से स्थापित की जाएगी।मुख्यमंत्री ने कहा कि जब वह नगर विकास मंत्री थे, तब पटना के कई इलाकों में जलजमाव सबसे बड़ी समस्या थी। पानी निकालने में काफी मुश्क‍िल होती थी। 

विशेष रूप से कंकड़बाग का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि कभी इसे एशिया का सबसे बड़ा टाउनशिप कहा जाता था, लेकिन समय के साथ वहां बुनियादी सुविधाओं की चुनौतियां बढ़ गईं।

बड़े पटना की परिकल्‍पना, पाटल‍िपुत्रा होगा नाम 
अब सरकार नए और आधुनिक टाउनशिप विकसित कर रही है, ताकि राजधानी का स्वरूप बदले और आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिले।

उन्होंने कहा कि बड़े पटना की जो अवधारणा तैयार की गई है, उसका नाम पाटलिपुत्र रखा गया है। उनका मानना है कि राजधानी की पहचान केवल वर्तमान शहर तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि उसके ऐतिहासिक गौरव को भी सामने लाना चाहिए।

किसानों को मिलेगा अधिक मुआवजा
मुख्यमंत्री ने किसानों के हितों का जिक्र करते हुए कहा कि राज्य सरकार जल्द ही कैबिनेट में ऐसे प्रस्ताव लाएगी, जिनसे किसानों को वर्तमान से अधिक मुआवजा मिल सके।

उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए लगातार फैसले ले रही है।

विपदा और शादी-विवाह में भी मिलेगी तत्काल सहायता
सम्राट चौधरी ने कहा कि जिन परिवारों के सामने अचानक कोई संकट, आपदा या शादी-विवाह जैसी जरूरतें आती हैं, उनकी मदद के लिए जिलाधिकारियों को विशेष अधिकार दिए गए हैं।

जरूरत पड़ने पर प्रशासन तत्काल आर्थिक सहायता उपलब्ध कराएगा, ताकि किसी परिवार को कठिन परिस्थिति में परेशानी का सामना न करना पड़े।

उद्योग और टाउनशिप से बदलेगी आर्थिक तस्वीर
मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में कानून का राज स्थापित करना और उद्योगों का विस्तार सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है।

उनका कहना था कि नए टाउनशिप विकसित होने से निवेश बढ़ेगा, रोजगार के अवसर पैदा होंगे और राज्य की आर्थिक स्थिति में बड़ा बदलाव आएगा।

बजट वृद्धि का किया उल्लेख
अपने राजनीतिक सफर का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि जब वह पहली बार सदन में पहुंचे थे, तब बिहार का बजट करीब 6 हजार करोड़ रुपये था।

2024-25 का बजट प्रस्‍तुत करते समय सीना 56 इंच का हो गया। उस दिन एक घंटा पहले पेश झारखंड का बजट 1 लाख 40 हजार करोड़ भी नहीं था।

बिहार का बजट तीन लाख करोड़ रुपये से अधिक पहुंच चुका है। उन्होंने इसे बिहार की विकास यात्रा का प्रमाण बताते हुए कहा कि राज्य लगातार आर्थिक रूप से मजबूत हो रहा है।

कानून-व्यवस्था पर सख्त संदेश
महिलाओं की सुरक्षा को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं करेगी। भोजपुर से जुड़े हालिया मामले का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि आरोपित को गिरफ्तार कर लिया गया है।

साथ ही उन्होंने अपराधियों को चेतावनी देते हुए कहा कि बिहार में कानून से खिलवाड़ करनेवालों के लिए कोई जगह नहीं है और सरकार अपराध तथा अपराधियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई जारी रखेगी। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि विकास, सुरक्षा, निवेश और जनकल्याण को साथ लेकर बिहार को आगे बढ़ाने का लक्ष्य है और आने वाले वर्षों में राजधानी पटना समेत पूरे राज्य में बड़े बदलाव दिखाई देंगे।

 

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