चित्रकूट। मध्यप्रदेश के नगरीय विकास एवं सतना जिले के प्रभारी मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने आज चित्रकूट पहुंचकर बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का जायजा लिया और बाढ़ से हुई क्षति की जानकारी ली। इस दौरान दीनदयाल शोध संस्थान के संगठन सचिव अभय महाजन ने मंत्री को संस्थान की ओर से संचालित राहत एवं सेवा कार्यों की विस्तृत जानकारी दी।

बाढ़ आपदा के बाद प्रभावित परिवारों की सहायता के लिए दीनदयाल शोध संस्थान की ओर से राहत कार्य लगातार जारी हैं। संस्थान द्वारा विभिन्न क्षेत्रों में राहत सामग्री किट का वितरण, भोजन प्रसाद, स्वास्थ्य शिविर, पशु चिकित्सा शिविर और पेयजल सेवा संचालित की जा रही है।

आज अलग-अलग स्थानों पर लगाए गए स्वास्थ्य शिविरों में 622 मरीजों को निशुल्क चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई गई। वहीं कृषि विज्ञान केंद्र मझगवां और गनीवां की टीमों ने गांव-गांव पहुंचकर पशुओं का स्वास्थ्य परीक्षण किया और उनका टीकाकरण किया। टीमों द्वारा बाढ़ के कारण फसलों को हुए नुकसान का भी जायजा लिया जा रहा है।
बाढ़ प्रभावित इलाकों में पेयजल की समस्या को देखते हुए संस्थान द्वारा टैंकरों के माध्यम से लगातार पानी उपलब्ध कराया जा रहा है। प्रभावित परिवारों को कपड़े, दैनिक उपयोग की आवश्यक सामग्री, बच्चों के लिए पुस्तक-पुस्तिकाएं और तिरपाल सहित अन्य राहत सामग्री वितरित की जा रही है।

इसके साथ ही अन्नपूर्णा रसोई के माध्यम से दिन में दो बार भोजन प्रसाद उपलब्ध कराया जा रहा है। संस्थान का कहना है कि समाज के सहयोग और जिला प्रशासन के साथ बेहतर समन्वय के माध्यम से राहत एवं सेवा कार्य लगातार जारी रखे जाएंगे।

बाढ़ के बाद प्रभावित लोगों तक राहत पहुंचाने के लिए विभिन्न सामाजिक संस्थाओं और प्रशासन की सक्रियता से राहत कार्यों को गति मिली है। दीनदयाल शोध संस्थान की टीमें प्रभावित क्षेत्रों में लगातार पहुंचकर जरूरतमंद परिवारों की आवश्यकताओं का आकलन कर सहायता उपलब्ध करा रही हैं।









