भभुआ
राजस्व कर्मचारियों के अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाने के बावजूद जाति, निवास और आय प्रमाण पत्र बनवाने वाले आवेदकों को परेशानी न हो इसके लिए अंचल प्रशासन ने वैकल्पिक व्यवस्था शुरू की है।
आवेदनों की जांच के लिए अमीनों को जिम्मेदारी सौंपी गई है, जबकि पंचायत स्तर पर प्रमाण पत्रों से संबंधित कार्यों के लिए पंचायत सचिवों को नामित करने की तैयारी है।
इस पहल का उद्देश्य प्रमाण पत्र बनाने की प्रक्रिया को जारी रखना और आवेदकों को समय पर जरूरी दस्तावेज उपलब्ध कराना है।
राजस्व कर्मचारियों की हड़ताल के कारण प्रमाण पत्रों से जुड़े कार्य प्रभावित होने की आशंका के बीच प्रशासन ने यह कदम उठाया है।
खासकर प्रतियोगी परीक्षाओं, सरकारी नौकरी की बहाली, नामांकन और अन्य जरूरी कार्यों के लिए जाति, निवास एवं आय प्रमाण पत्र की जरूरत होती है। ऐसे में आवेदन लंबित रहने से छात्रों और युवाओं को परेशानी हो सकती है।
इसे देखते हुए आवेदनों की जांच और प्रमाण पत्र जारी करने की प्रक्रिया को सुचारु रखने का प्रयास किया जा रहा है। अंचल कार्यालय के साथ पंचायत भवनों में प्रमाण पत्रों से संबंधित कार्य प्रभावित न हों, इसके लिए पंचायत सचिवों को जिम्मेदारी देने की तैयारी है।
इससे पंचायत स्तर पर आने वाले आवेदनों के निपटारे में मदद मिलेगी और लोगों को अपने जरूरी दस्तावेजों के लिए बार-बार अंचल कार्यालय का चक्कर लगाने से राहत मिल सकती है।
इस संबंध में भभुआ अंचल के राजस्व पदाधिकारी राजीव मिश्रा ने बताया कि राजस्व कर्मचारियों के अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाने के बाद प्रमाण पत्र बनाने के कार्य में बाधा न आए, इसके लिए अमीनों को आवेदनों की जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई है। वहीं, पंचायत स्तर पर प्रमाण पत्रों से जुड़े कार्यों के लिए पंचायत सचिवों को भी जिम्मेदारी दी जाएगी।









