Edition

MP में ₹2,250 करोड़ के निवेश से बनेगी रातापानी रिजर्व टाउनशिप, अब इंदौर-उज्जैन रोड पर भी नया प्रोजेक्ट

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

 इंदौर 
 डेला समूह फिलहाल भोपाल में 220 एकड़ में रातापानी रिजर्व टाउनशिप निर्माण पर 2250 करोड़ रुपये निवेश कर रहा हैं। यहां पर इंटीग्रेटेड सिटी का निर्माण किया जाएगा जिसमें उद्योग, व्यापार नौकरी, शिक्षा व आवास, स्वास्थ्य व पर्यटन की सुविधाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध होंगी।

ऐसे में लोगों को रोजगार व शिक्षा के लिए शहर के एक हिस्से से दूसरे हिस्से में जाना नहीं होगा। इस परियोजना में लक्जरी विला, ब्रांडेड रेसिडेंस, पांच सितारा वाइल्डलाइफ रिसार्ट तथा घुड़सवारी एवं पोलो की सुविधाएं विकसित करने की योजना हैं।

महू व इंदौर शहर में भी इस तरह की इंटीग्रेटेड टाउनशिप की संभावना देख रहे हैं
भोपाल के बाद अब इंदौर-उज्जैन रोड पर नई टाउनशिप विकसित करेगा। इस संबंध में बुधवार को डेला टाउनशिप के संस्थापक जिमी मिस्त्री की मुख्यमंत्री मोहन यादव से इंदौर में आयोजित ग्रोथ कॉन्क्लेव में वन टू वन चर्चा हुई। मिस्त्री ने बताया कि इंदाैर-उज्जैन रोड के अलावा महू व इंदौर शहर में भी इस तरह की इंटीग्रेटेड टाउनशिप की संभावना देख रहे हैं। आगामी कुछ माह में हम प्रदेश सरकार के साथ इस संबंध में अनुबंध करेंगे।

भोपाल एवं इंदौर नगर निगम की सतत विकास रिपोर्ट का विमोचन
कांक्लेव में भोपाल एवं इंदौर नगर निगम की बिजनेस रिस्पांसिब्लिटी एंड सस्टेनेबिलिटी रिपोर्ट (बीआरएसआर) का विमोचन किया।भोपाल की रिपोर्ट में कचरा प्रबंधन, संसाधनों के बेहतर उपयोग, नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा देने के प्रयास व इंदौर की रिपोर्ट में पर्यावरण संरक्षण और शहरी प्रशासन की बेहतर कार्यप्रणालियों का उल्लेख किया गया हैं।

विकास के गोल्डन ट्राएंगल के रूप में तैयार होंगे इंदौर, देवास व उज्जैन
कॉन्क्लेव में मध्यप्रदेश यूनिफाइड लैंड डेवलपमेंट एंड बिल्डिंग प्रमोशन नियम-2026 की नई पालिसी का विमोचन किया गया। इससे प्रदेश में बहुमंजिला व भवन निर्माण की रफ्तार बढ़ेगी। नासिक, मुंबई व पुणे को गोल्डन ट्रैंगल की तर्ज पर इंदौर, देवास व उज्जैन का ट्रैंगल बनाएंगे।

नागपुर व मुंबई की तर्ज पर इंदौर में भी हाईराइज इमारतें बनेंगी। नगरीय आवास एवं प्रशासन विभाग के अपर मुख्य सचिव संजय दुबे के मुताबिक अभी तक प्रदेश में तीन एफएआर से ज्यादा ऊंची इमारत के निर्माण की अनुमति नहीं थी। अभी तक प्रदेश में ढाई एफएआर की बहुमंजिला इमारत बनी हैं।

प्राइवेट सेक्टर के माध्यम से किफायती घर बनाएंगे
अब हम कह बिल्डर व भवन निर्माताओं को सात एफएआर तक इमारत निर्माण कर सके। इसके अलावा 60 मीटर चौड़ी सड़क किनारे भी बहुमंजिला इमारत बनाए जाने का प्रविधान किया हैं। हम प्रायवेट सेक्टर के माध्यम से किफायती घर बनाएंगे। अब किसी भी व्यक्ति को अपना घर या बिल्डिंग बनाने के लिए को एनओसी लेने के लिए 13 से 14 विभागों के पास भटकने की जरुरत नहीं हैं। चार विभागों की अनुमतियां लेकर कोई भी आवासीय या व्यावसायिक इमारत या औद्योगिक प्रतिष्ठान का निर्माण कर सकेगा।

Aditya
Author: Aditya

Share करें

✓ Link copy हो गया!

Leave a Comment

और पढ़ें

error: Content is protected !!