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राजनाथ सिंह का बड़ा दावा, ऑपरेशन सिंदूर से पाकिस्तान घुटनों पर आया

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नई दिल्ली 
'ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान भारत ने मात्र चार दिनों के भीतर पाकिस्तान को युद्धविराम की अपील करने पर मजबूर कर दिया। यह जानकारी शुक्रवार को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने दी। ऑपरेशन सिंदूर केवल एक सैन्य अभियान नहीं था, बल्कि भारत की निर्णायक इच्छाशक्ति, आधुनिक सैन्य क्षमता और तीनों सेनाओं के उत्कृष्ट तालमेल का जीवंत उदाहरण था। उन्होंने विशेष रूप से इस बात पर जोर दिया कि भारत द्वारा अब तक लड़े गए युद्धों और अभियानों की तुलना में ऑपरेशन सिंदूर कई मायनों में अलग और अत्यंत प्रभावशाली रहा। दरअसल देश की सैन्य शक्ति, रणनीतिक क्षमता और सैनिकों के अदम्य साहस का प्रतीक बन चुके ऑपरेशन सिंदूर को लेकर शुक्रवार को एक विशेष अवसर देखने को मिला। 

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इस ऐतिहासिक सैन्य अभियान पर आधारित एक स्मारक प्रकाशन का विमोचन किया। नई दिल्ली में आयोजित इस समारोह में भारतीय सेनाओं के शीर्ष अधिकारी मौजूद रहे। इस दौरान पूरा वातावरण गर्व, सम्मान तथा राष्ट्रीय भावना से ओत-प्रोत दिखाई दिया।

 इस दौरान रक्षा मंत्री ने ऑपरेशन सिंदूर को भारत के सैन्य इतिहास की एक अभूतपूर्व सफलता बताया। राजनाथ सिंह ने कहा कि शुक्रवार को जारी किया गया स्मारक प्रकाशन केवल घटनाओं का दस्तावेज नहीं है, बल्कि यह उन सैनिकों की भावनाओं, संघर्षों और अनुभवों को भी सामने लाता है, जिन्होंने कठिन परिस्थितियों में राष्ट्र की सुरक्षा सुनिश्चित की। उन्होंने कहा कि आधुनिक युद्ध केवल हथियारों और रणनीतियों से नहीं जीते जाते, बल्कि उनमें नेतृत्व, साहस, मानसिक दृढ़ता और दबाव में सही निर्णय लेने की क्षमता सबसे बड़ी भूमिका निभाती है। यह पुस्तक इन्हीं पहलुओं को बेहद मानवीय और प्रेरणादायक तरीके से प्रस्तुत करती है।

उन्होंने कहा कि जब देश के सैनिक सीमाओं पर अपने प्राणों की बाजी लगाते हैं, तब राष्ट्र के नागरिकों का भी दायित्व बनता है कि वे देशहित को सर्वोपरि रखें। रक्षा मंत्री ने लोगों से अपील की कि वे इस प्रकाशन से प्रेरणा लें और ऐसे जिम्मेदार नागरिक बनें जो देश की संप्रभुता और सुरक्षा के महत्व को गहराई से समझ सकें।

समारोह में चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान, वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह, नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश कुमार त्रिपाठी तथा सशस्त्र बलों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

गौरतलब है कि 'ऑपरेशन सिंदूर' की रणनीतिक योजना, संयुक्त सैन्य समन्वय, आधुनिक तकनीक के उपयोग और जमीनी स्तर पर सैनिकों के साहसिक प्रदर्शन पर अनेक राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय मंचों पर चर्चा हुई है।

विशेषज्ञों का मानना है कि 'ऑपरेशन सिंदूर' ने यह स्पष्ट कर दिया कि भारतीय सशस्त्र बल अब पारंपरिक युद्ध सीमाओं से आगे बढ़कर तेज, सटीक और बहुआयामी सैन्य अभियानों को सफलतापूर्वक अंजाम देने में सक्षम हैं। इस अभियान ने न केवल भारत की सैन्य शक्ति का प्रदर्शन किया, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी यह संदेश दिया कि भारत अपनी सुरक्षा और संप्रभुता से किसी प्रकार का समझौता नहीं करेगा। स्मारक प्रकाशन को सैनिकों के साहस, समर्पण और राष्ट्रभक्ति को समर्पित एक जीवंत दस्तावेज माना जा रहा है, जो आने वाली पीढ़ियों को प्रेरणा देने का कार्य करेगा। 

Aditya
Author: Aditya

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