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Plastic Currency Update: ₹10 और ₹20 के प्लास्टिक नोटों पर RBI का बड़ा अपडेट, लॉन्च टाइमलाइन आई सामने

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नई दिल्ली

भारतीय रिजर्व बैंक ने बुधवार को एमपीसी बैठक के नतीजों का ऐलान करते हुए रेपो रेट को स्थिर रखने के साथ ही एक और बड़ा अपडेट दिया है. ये पॉलिमर नोट या प्लास्टिक के नोटों (RBI On Plastic Currency Notes) से जुड़ा हुआ है. बीते दिनों मोदी सरकार ने 10 रुपये और 20 रुपये के पॉलिमर करेंसी नोट जारी करने के केंद्रीय बैंक के प्रस्ताव को मंजूरी दी थी और अब रिजर्व बैंक गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा है कि FY28 की शुरुआत में इन्हें लॉन्च कर दिया जाएगा। 

रिजर्व बैंक ने तय किया ये टारगेट
RBI MPC Results का ऐलान करते हुए गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा कि आरबीआई का लक्ष्य वित्त वर्ष 2028 की शुरुआत में  पॉलिमर करेंसी नोटों या प्लास्टिक के नोटों को सर्कुलेशन में लाने का है और इसके लिए लगातार तैयारियां जारी हैं. MPC की बैठक के बाद मीडिया ब्रीफिंग में उन्होंने बताया कि पॉलिमर नोटों का पायलट कार्यक्रम चल रहा है और इन नोटों को बाजार में लाने से पहले हम इसका परीक्षण आकलन करेंगे। 

मोदी सरकार दे चुकी है मंजूरी
आरबीआई की ओर से 10-20 Plastic Notes को लेकर ये बड़ा अपडेट वित्त मंत्रालय द्वारा बीते दिनों संसद में इस प्रस्ताव को मंजूरी दिए जाने के बाद आया है. बता दें कि बीते दिनों नरेंद्र मोदी सरकार ने 10 रुपये और 20 रुपये के मूल्यवर्ग में पॉलिमर नोटों के फील्ड ट्रायल प्रपोजल को मंजूरी दी थी। 

Modi Govt की ओर से संसद में पॉलिमर (प्लास्टिक) नोट से जुड़ी जानकारी शेयर करते हुए बताया गया था कि ₹10 और ₹20 के 100-100 करोड़ (एक-एक अरब) पॉलिमर नोटों का फील्ड ट्रायल किया जाएगा. ट्रायल सफल होने के बाद इन Plastic Notes को नियमित जारी करने की योजना है। 

मौजूदा कागजी नोटों का क्या होगा?
सरकार ने 10-20 रुपये के प्लास्टिक नोटों के ट्रायल को अप्रूवल देने के साथ ही साफ कर दिया था कि वर्तमान में सर्कुलेशन में मौजूद कागजी नोटों पर इसका कोई असर नहीं होगा. यानी कागजी नोट बंद नहीं होंगे, बल्कि ये पॉलिमर नोटों के साथ ही बाजार में मौजूद रहेंगे. सरकार की ओर से कहा गया है कि फिलहाल कागजी करेंसी को पूरी तरह पॉलिमर नोटों से बदलने का कोई प्रस्ताव नहीं है। 

पॉलिमर नोटों की लाइफ वर्तमान में मौजूद कागजी नोटों से अधिक होने का दावा है. हालांकि, फिलहाल प्लास्टिक नोटों से जुड़ी ये परियोजना शुरुआती चरण में. इसके साथ ही डिजिटल पेमेंट पर असर का आकलन ये नोट नियमित जारी होने के बाद होगा। 

इन देशों में आ चुके हैं प्लास्टिक नोट
भारत में प्लास्टिक करेंसी नोट को सर्कुलेशन में लाने का काम जोरों पर है और ये पहली बार सर्कुलेशन में दस्तक देने वाले हैं. लेकिन इन प्लास्टिक नोटों को पहली बार ऑस्ट्रेलिया ने साल 1988 में इंट्रोड्यूस किया था और अब करीब 50 से अधिक देशों में इनका उपयोग किया जाता है. इनकी खासियत ये है कि ये पॉलिमर नोट पारंपरिक कागजी करेंसी की तुलना में अधिक टिकाऊ तो होते ही हैं, इसके साथ ही
ऐसे नकली नोट बनाना भी मुश्किल होता है। 

Aditya
Author: Aditya

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