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बिना मोबाइल निकाले होगा पेमेंट! Jio AI Glass से आंखों के इशारे पर चलेगा UPI, जानें खासियतें

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मुंबई 

मार्वल्स की सुपरहीरो वाली मूवीज तो आने भी देखी होगी. इसमें एक करेक्टर है आयरन मैन, जिसका चश्मा इतना स्मार्ट है कि एक आदेश पर हर जानकारी उपलब्ध करा देता है. जियो ने भी ऐसा ही प्रोडक्ट पेश किया है, जो आपके एक इशारे पर बिना मोबाइल निकाले और स्कैन किए ही यूपीआई पेमेंट कर देता है. जियो ने इंडिया मोबाइल कांग्रेस 2026 में एक कूल और फ्यूचरिस्टिक प्रोडक्ट शोकेस किया है. कंपनी ने अपनी पर्सनल AI वियरेबल रेंज में कैमरा ग्लास, ऑडियो ग्लास और ईयरफोन दिखाए हैं. इनमें स्कैन एंड पे, AI वॉयस असिस्टेंट, मल्टी-इंडियन लैंग्वेज सपोर्ट, लाइव ट्रांसलेशन, AI नोट टेकिंग और लाइव क्रिकेट कमेंट्री जैसे फीचर्स हैं। 

एआई के इस प्रोडक्ट का सबसे दिलचस्प फीचर स्कैन एंड पे है. मतलब मोबाइल जेब में ही रहे और सामने QR कोड हो तो बस पेमेंट हो जाए. जियो का यह कैमरा ग्लास UPI QR कोड स्कैन करेगा, यूजर वॉयस कमांड देगा और कन्फर्मेशन के बाद पेमेंट हो जाएगा. UPI Circle के जरिये एक बार में 5,000 रुपये तक का भुगतान किया जा सकता है. यह सीमा जियो की नहीं, बल्कि UPI Circle के नियमों के तहत तय की गई और हर महीने इस सिस्टम से 15,000 रुपये तक यूपीआई भुगतान किया जा सकता है। 

कैसे होगा ग्लास से पेमेंट
इस ग्लास के जिरये दुकान पर पेमेंट करते वक्त मोबाइल निकालने, अनलॉक करने, ऐप खोलने और QR स्कैन करने जैसे कई स्टेप कम हो सकते हैं. यहां AI सिर्फ सवालों के जवाब देने वाला असिस्टेंट नहीं, बल्कि आपकी कमांड पर काम करने वाली टेक्नोलॉजी बन जाता है. कंपनी की कोशिश AI को मोबाइल स्क्रीन और कीबोर्ड से निकालकर आवाज और रोजमर्रा के इस्तेमाल से जोड़ने की है. जियो AI ग्लास का दूसरा बड़ा इस्तेमाल लाइव ट्रांसलेशन है. अलग-अलग भारतीय भाषाएं बोलने वाले दो लोग वियरेबल डिवाइस की मदद से एक-दूसरे की बात समझ सकेंगे. आप अपनी भाषा में बोलिए, सामने वाला अपनी भाषा में, बीच का काम AI संभालेगा। 

पेमेंट से आगे बढ़ने की तैयारी
जियो का मानना है कि बात सिर्फ पेमेंट और ट्रांसलेशन तक नहीं रुकती. मीटिंग में कोई जरूरी बात छूट न जाए, इसके लिए AI नोट टेकिंग है. वहीं, चलते-फिरते मैच से जुड़े रहना हो तो लाइव क्रिकेट कमेंट्री भी मिलेगी. यानी ऑफिस की मीटिंग हो या क्रिकेट का रोमांच, बार-बार मोबाइल देखने की जरूरत कम करने की कोशिश साफ दिखती है. जियो का कहना है कि इन वियरेबल्स का मकसद AI के जरिये प्रोडक्टिविटी और नॉलेज बढ़ाने के साथ रोजमर्रा के काम आसान करना है। 

जियो एआई ग्लास हेडफोन से जुड़ा रहेगा
भारतीय भाषाओं पर ज्यादा जोर

जियो का मानना है कि इसका खास जोर वॉयस और भारतीय भाषाओं पर है, ताकि यूजर अपनी भाषा में AI और डिजिटल सेवाओं का इस्तेमाल कर सके. जियो का यह शोकेस वियरेबल टेक के अगले दौर की झलक देता है. स्मार्ट ग्लासेस का आइडिया नया नहीं है, लेकिन UPI पेमेंट, भारतीय भाषाएं, लाइव ट्रांसलेशन, AI नोट टेकिंग और क्रिकेट कमेंट्री जैसे फीचर्स इसे भारतीय यूजर के ज्यादा करीब लाते हैं। 

Aditya
Author: Aditya

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