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हरियाणा में रोडवेज बसों का संचालन प्रभावित, 83 रूटों पर यात्रियों की बढ़ी परेशानी

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हिसार.

रात्रि भत्ता, एलटीसी व मेडिकल की कुल पांच करोड़ की राशि न मिलने से नाराज होकर हिसार डिपो के कर्मचारियों ने शुक्रवार तीसरे पहर तीन बजे बाद की तमाम रात्रि बस सेवाएं बंद कर दी। चंडीगढ़, दिल्ली, खाटूश्याम, जोधपुर, हरिद्वार सहित लोकल रूट जिनमें तोशाम, उकलाना, आदमपुर, घिराय सहित 83 रूटों की बसें बंद होने से 19 हजार से अधिक यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा।

इस बीच रोडवेज अधिकारियों की तरफ से कोई भी व्यवस्था नहीं की। जिससे नौ घंटे बसें न चलने से हिसार डिपो व हांसी सब डिपो को 12 लाख रुपये से अधिक नुकसान उठाना पड़ा। जबकि दूसरी ओर रोषित रोडवेज की साझा मोर्चा ने एलान कर दिया है कि शनिवार को हिसार डिपो व हांसी सब डिपो में चक्का जाम रहेगा। पूरे दिन एक भी रोडवेज बस नहीं दौड़ेगी। सुबह पौने चार बजे दिल्ली- चंडीगढ़ रूट की पहली बस को रूट पर नहीं चलने दिया जाएगा। जानकारी मिलने के बाद शाम पांच बजे हिसार एसडीएम ज्योति मित्तल व अन्य तहसीलदार हिसार डिपो पहुंचे। जहां तीन घंटे तक हिसार डिपो के महाप्रबंधक व रोडवेज की साझा मोर्चा के बीच तालमेल बनाने का प्रयास किया गया। लेकिन एसडीएम की तरफ से किए गए सभी प्रयास विफल रहे।

हड़ताल के तीन घंटे बाद पहुंची एसडीएम
शुक्रवार दोपहर दो बजे हिसार डिपो व हांसी सब डिपो में रात्रि बस सेवा बंद कर दी गई। हैरानी की बात है कि बस सेवा ठप होने के तीन घंटे बाद प्रशासनिक अधिकारियों को पता चला। जिसके बाद जिला प्रशासन ने हिसार एसडीएम ज्योति मित्तल को व्यवस्था संभालने के लिए हिसार डिपो में भेजा गया। शाम पांच बजे वे हिसार डिपो पहुंची। लेकिन तीन घंटे तक बातचीत कर चक्का जाम टालने का प्रयास किया, मगर सभी प्रयास विफल रहे।

गेट मीटिंग कर लिया फैसला
रोडवेज की साझा मोर्चा के सदस्य संदीप जैनावास, राजकुमार चौहान ने कहा कि शुक्रवार शाम को हिसार डिपो व हांसी सब डिपो के कर्मचारियों ने गेट मीटिंग की। जिसमें रात्रि बस सेवा बंद की गई। एक घंटे तक चली बातचीत में फैसला लिया गया है कि शुक्रवार को रात्रि बस सेवा व शनिवार को पूरा दिन रोडवेज का चक्का जाम किया जाएगा। जिसमें मांग की है कि हिसार डिपो के महाप्रबंधक की ओर से रात्रि, एलटीसी व मेडिकल भत्ता नहीं दिया जा रहा है। जिस कारण कर्मचारियों में रोष है।

166 रूटों पर दौड़ती है 200 बसें
हिसार डिपो व हांसी सब डिपो में लंबे व लोकल रूटों पर 166 रूटों पर 200 से अधिक बसें दौड़ती है। जिनमें 160 बसें हिसार डिपो के पास है जबकि शेष बसें हांसी सब डिपो के पास है। लेकिन शुक्रवार को 40 प्रतिशत बसें नहीं दौड़ी जबकि शनिवार को एक भी रूट पर बसें न दौड़ाने का फैसला लिया गया है।

देर रात तक न रूट प्लान बनाया और न ही कोई प्रबंध
हैरानी की बात है कि हिसार डिपो व हांसी डिपो में धरना शुरू होने के बाद प्रशासनिक अधिकारियों की तरफ से कोई प्लान नहीं बनाया गया। क्योंकि धरने के दौरान अधिकारियों को अपनी तरफ से प्लानिंग करनी चाहिए थी। ताकि हड़ताल को विफल किया जा सकें। लेकिन हिसार एसडीएम की अध्यक्षता में चली मीटिंग के बावजूद भी न कोई विशेष प्रबंध किए गए और न ही कोई प्लानिंग की गई। खामियाजा शुक्रवार दोपहर दो बजे के बाद से यात्रियों को भुगतना पड़ा।

रात्रि भत्ता, एलटीसी व मेडिकल की राशि अटकी –
रात्रि भत्ता, एलटीसी व मेडिकल की राशि अटकी हुई है। जोकि कर्मचारियों को नहीं मिली है। हिसार डिपो के महाप्रबंधक को बार-बार संज्ञान में डालने के बावजूद भी खाते में राशि नहीं आई है। हमने शुक्रवार रात्रि बस सेवा बंद कर दी है। साथ ही शनिवार को पूरा दिन चक्का जाम रहेगा।
– संदीप जैनावास, साझा मोर्चा सदस्य एवं प्रेस वक्ता, हिसार

13 घंटे में हिसार डिपो को 12 लाख का नुकसान
शुक्रवार दोपहर दो बजे से अगले दिन सुबह साढ़े तीन बजे तक हिसार डिपो की बसें न दौड़ने से कुल 12 लाख का नुकसान हुआ। लंबे व लोकल रूटों पर रात्रि बस सेवा ठप होने से 10 हजार से अधिक यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। हिसार डिपो की एक दिन की इनकम 22 लाख रुपये है। अगर 24 घंटे में एक भी बस नहीं दौड़ती है तो हिसार डिपो व हांसी सब डिपो को कुल 22 लाख रुपये की चपत लगेगी। मुख्यालय को बार-बार सूचित कर दिया गया है। लेकिन अभी तक हिसार डिपो व हांसी सब डिपो के कर्मचारियों के खाते में रात्रि भत्ता, एलटीसी व मेडिकल की राशि नहीं आई है, जिस कारण रोष है।
– राजकुमार चौहान, राज्य उप प्रधान, हरियाणा रोडवेज वर्कर यूनियन

Aditya
Author: Aditya

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