पूर्व विधायक ने कहा- राजनीति के चाणक्य माने जाते थे अर्जुन सिंह, स्टेडियम का नाम उन्हीं के नाम पर रहना चाहिए….

सतना। धवारी स्टेडियम के नाम को लेकर जारी विवाद के बीच मैहर के पूर्व विधायक नारायण त्रिपाठी ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय अर्जुन सिंह के नाम को बदलने पर कड़ी आपत्ति जताई है। उन्होंने कहा कि विंध्य के इतने बड़े राजनीतिक व्यक्तित्व के नाम पर बने स्टेडियम का नाम बदलना उचित नहीं है। यह केवल नाम बदलने का मामला नहीं, बल्कि विंध्य की राजनीतिक विरासत और सम्मान से जुड़ा विषय है।
नारायण त्रिपाठी ने कहा कि एक महापौर ने धवारी स्टेडियम का नाम स्वर्गीय अर्जुन सिंह के नाम पर रखा था, जबकि दूसरे महापौर ने उसका नाम बदलकर अपने पिता के नाम पर कर दिया। यह समझ से परे है। उन्होंने कहा कि स्वर्गीय अर्जुन सिंह केवल मध्यप्रदेश ही नहीं, बल्कि राष्ट्रीय राजनीति का बड़ा चेहरा रहे हैं। वे प्रधानमंत्री नहीं बन पाए, लेकिन प्रधानमंत्री पद के बाद जिन नेताओं का नाम लिया जाता था, उनमें अर्जुन सिंह का स्थान महत्वपूर्ण था।
उन्होंने कहा कि अर्जुन सिंह भले ही आज हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनकी राजनीतिक क्षमता, प्रभाव और व्यक्तित्व को आज भी याद किया जाता है। राजनीति में उनका ऐसा दबदबा और प्रभाव था कि उनके चश्मा उतारने तक को एक राजनीतिक संकेत के रूप में देखा जाता था। यही वजह थी कि उन्हें राजनीति का चाणक्य कहा जाता रहा है।
पूर्व विधायक ने स्पष्ट कहा कि विंध्य की ऐसी महान राजनीतिक हस्ती के नाम को हटाना क्षेत्र की अस्मिता और गौरव का अपमान है। धवारी स्टेडियम का नाम स्वर्गीय अर्जुन सिंह के नाम पर ही रखा जाना चाहिए।
वहीं, अपनी प्रतिक्रिया को राजनीतिक चश्मे से नहीं देखने की अपील करते हुए नारायण त्रिपाठी ने कहा कि इसे कांग्रेस में जाने की संभावनाओं से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए। उन्होंने बताया कि भोपाल में भी स्वर्गीय अर्जुन सिंह की प्रतिमा के अनावरण के मामले में वे पहले आवाज उठा चुके हैं। उनका कहना था कि जब भी विंध्य के किसी नेता का अपमान होता है, उन्हें पीड़ा होती है और वे अपनी बात रखने से पीछे नहीं हटते।
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