Edition

नामकरण की राजनीति पर विधायक सिद्धार्थ कुशवाहा का तंज- नगर निगम में नामकरण का भी काउंटर खोल दीजिए…

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

सड़क, पानी और सफाई को बताया प्राथमिकता, महापौर के आरोपों के बाद परिषद की बैठक में पहुंचे विधायक, विकास कार्यों पर उठाए सवाल और करीब 50 पत्र सदन में रखे…..

सतना। शहर में विकास की रफ्तार और अलग-अलग स्थानों के नामकरण को लेकर चल रही सियासत अब नगर निगम परिषद तक पहुंच गई है। बुधवार को परिषद की बैठक में पहुंचे विधायक सिद्धार्थ कुशवाहा ने नामकरण के मुद्दे पर तंज कसते हुए कहा कि जब नगर निगम में जन्म और मृत्यु प्रमाणपत्र बनाने के लिए काउंटर खुले हैं, तो नामकरण के लिए भी एक अलग काउंटर खोल दिया जाना चाहिए। उनके इस बयान को शहर में नामकरण को लेकर चल रही राजनीतिक खींचतान पर कटाक्ष के रूप में देखा जा रहा है।

विधायक ने कहा कि नगर निगम की प्राथमिकता तालाब, स्टेडियम और अन्य स्थानों के नाम बदलने या रखने से ज्यादा शहर को अच्छी सड़कें, स्वच्छ पेयजल और बेहतर सफाई व्यवस्था उपलब्ध कराना होना चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि जब सरकार से हजारों करोड़ रुपये मिलने और नगर निगम का सालाना टर्नओवर करीब 500 करोड़ रुपये होने की बात कही जा रही है, तब भी शहर में चलने लायक सड़कों की स्थिति क्यों नहीं सुधर पा रही है। उन्होंने विकास कार्यों की गति पर सवाल उठाते हुए कहा कि परिषद और एमआईसी की बैठकों में मूलभूत सुविधाओं की समीक्षा पर अधिक ध्यान दिया जाना चाहिए।

महापौर के आरोपों के बाद सदन में पहुंचे विधायक….. सिद्धार्थ कुशवाहा आमतौर पर नगर निगम परिषद की बैठकों में शामिल नहीं होते हैं। हाल ही में महापौर योगेश ताम्रकार ने सोशल मीडिया के माध्यम से उन पर सतना के विकास की अनदेखी करने के आरोप लगाए थे। इसके बाद बुधवार को विधायक परिषद की बैठक में पहुंचे और शहर के विकास से जुड़े मुद्दे उठाए।

बैठक की शुरुआत में उन्होंने करीब 20 मिनट तक अपनी बात रखी। इस दौरान नगर निगम और महापौर के साथ हुए पत्राचार से संबंधित करीब 50 पत्र भी सदन के पटल पर रखे। इस कदम के जरिए विधायक ने विकास कार्यों को लेकर अपनी भूमिका और नगर निगम के साथ हुए संवाद को सामने रखने का प्रयास किया।

विकास पर सवाल, जवाब में पत्रों का पुलिंदा… बैठक में विधायक का रुख स्पष्ट रहा कि शहर की समस्याओं पर चर्चा नामकरण की बहस से आगे बढ़नी चाहिए। एक ओर महापौर की ओर से विधायक पर विकास की अनदेखी के आरोप लगाए गए थे, तो दूसरी ओर विधायक ने पत्राचार सामने रखकर अपनी बात रखी और शहर में बुनियादी सुविधाओं की स्थिति पर सवाल उठाए।

इस घटनाक्रम ने नगर निगम की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप को एक बार फिर चर्चा में ला दिया है। हालांकि, शहर के लोगों के लिए अहम सवाल यही है कि नामकरण को लेकर चल रही बहस के बीच सड़क, पानी और सफाई जैसी समस्याओं के समाधान के लिए ठोस कदम कब उठाए जाएंगे।

बोले- सतना के विकास के लिए भोपाल से दिल्ली तक संघर्ष करूंगा…… विधायक सिद्धार्थ कुशवाहा ने कहा कि शहर के विकास से जुड़े मुद्दों पर दलगत राजनीति से ऊपर उठकर चर्चा होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सतना के विकास के लिए जहां भी आवश्यकता होगी, वे शहर से लेकर भोपाल और दिल्ली तक संघर्ष करने को तैयार हैं।

जनता का पूछ रही कि नगर निगम की बैठकों में नामकरण को लेकर होने वाली बहस के साथ शहर की बुनियादी समस्याओं पर भी उतनी ही गंभीरता दिखाई जाएगी या नहीं!

Amit Mishra
Author: Amit Mishra

Group Editor, Rewanchal Roshni News Group

Share करें

✓ Link copy हो गया!

Leave a Comment

और पढ़ें

error: Content is protected !!