सतना की बांधवगढ़ कॉलोनी में दर्दनाक घटना: ओम सोनेजा की मौत के कुछ घंटे बाद पत्नी मनीषा ने भी तोड़ा दम……
सतना। कहते हैं कि पति-पत्नी का रिश्ता सात जन्मों का होता है। जीवनभर एक-दूसरे का साथ निभाने और सुख-दुख में हमसफर बने रहने का वादा करने वाले इस रिश्ते की गहराई का एहसास सतना की बांधवगढ़ कॉलोनी में हुई एक हृदयविदारक घटना से हुआ। यहां ओम सोनेजा और उनकी पत्नी मनीषा सोनेजा की जिंदगी का सफर एक ही दिन समाप्त हो गया। शनिवार दोपहर पति ने दुनिया को अलविदा कहा तो कुछ ही घंटों बाद पत्नी ने भी दम तोड़ दिया। साथ जीने वाले इन दोनों जीवनसाथियों के यूं बिछड़ने से परिवार में मातम छा गया।
कोलगवां थाना क्षेत्र की बांधवगढ़ कॉलोनी निवासी ओम सोनेजा (55) की शनिवार दोपहर करीब 1:30 बजे हार्ट अटैक जैसी स्थिति में मौत हो गई। पति के अचानक निधन की खबर उनकी पत्नी मनीषा सोनेजा (52) के लिए गहरा सदमा बन गई। बताया गया कि खबर सुनने के बाद उन्हें चक्कर आया और वह गिर पड़ीं। इसके बाद उनकी तबीयत बिगड़ती चली गई। परिजन अभी ओम सोनेजा के निधन के दुख से संभल भी नहीं पाए थे कि शनिवार शाम करीब 7 बजे मनीषा सोनेजा ने भी दुनिया को अलविदा कह दिया। दोपहर में पति का साथ छूटा और शाम होते-होते पत्नी भी इस दुनिया से विदा हो गईं। कुछ ही घंटों के अंतराल में परिवार ने अपने दो प्रिय सदस्यों को खो दिया।
पति-पत्नी का रिश्ता जीवनभर एक-दूसरे का सहारा बनने, हर परिस्थिति में साथ खड़े रहने और एक-दूसरे की खुशियों में अपनी खुशी तलाशने का नाम है। ओम और मनीषा ने भी साथ जीवन बिताया, लेकिन किसी ने कल्पना नहीं की होगी कि एक दिन उनके जीवन का सफर इस तरह एक साथ समाप्त हो जाएगा। पति के निधन के कुछ ही घंटों बाद पत्नी की मौत की खबर ने परिजनों और परिचितों को भीतर तक झकझोर दिया। जिस घर में दोनों की मौजूदगी से जीवन की रौनक थी, वहां अचानक मातम और सन्नाटा छा गया। एक ही दिन में दो अपनों को खोने वाले परिवार का दुख शब्दों में बयां करना आसान नहीं है।
सात जन्मों के साथ की मान्यता के बीच यह एक ऐसा मार्मिक संयोग है, जिसने हर किसी की आंखें नम कर दीं। जीवनभर साथ निभाने वाले ओम और मनीषा का इस दुनिया से कुछ ही घंटों के अंतराल में विदा हो जाना लोगों को भावुक कर रहा है। हालांकि, मनीषा की मौत का चिकित्सकीय कारण स्पष्ट नहीं है। बांधवगढ़ कॉलोनी में इस घटना के बाद शोक का माहौल है। पीछे रह गए परिजनों के लिए अब दोनों की यादें ही अनमोल धरोहर हैं। जिंदगी की राह में एक-दूसरे का हाथ थामकर चलने वाले इन दो हमसफरों का सफर एक ही दिन थम गया, लेकिन साथ बिताए पलों की यादें हमेशा उनके अपनों के दिलों में जीवित रहेंगी।