मुंबई के गायकों के भजनों पर झूमे श्रोता, मैहर वाद्यवृंद की जुगलबंदी ने बांधा समां; संतों और सांसदों ने नानाजी के योगदान को किया याद...

चित्रकूट। भगवान श्रीराम की तपोभूमि चित्रकूट में आयोजित तीन दिवसीय शरदोत्सव का आज भव्य एवं सुरमयी समापन हुआ। संस्कृति संचालनालय मध्यप्रदेश द्वारा दीनदयाल शोध संस्थान तथा जिला प्रशासन सतना के सहयोग से आयोजित इस पारंपरिक नृत्य एवं गायिकी केंद्रित महोत्सव की अंतिम संध्या भक्ति, भारतीय शास्त्रीय संगीत और लोक संस्कृति के अनूठे संगम के नाम रही। मुंबई से आए गायकों की भजन प्रस्तुतियों और शासकीय संगीत महाविद्यालय मैहर के कलाकारों के ऐतिहासिक मैहर वाद्यवृंद ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। कार्यक्रम में संत समाज, जनप्रतिनिधियों, शिक्षाविदों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने राष्ट्र ऋषि भारत रत्न नानाजी देशमुख के योगदान का स्मरण करते हुए चित्रकूट के विकास और समाजसेवा के क्षेत्र में उनके कार्यों को प्रेरणादायी बताया।

समापन संध्या का शुभारंभ भारत रत्न नानाजी देशमुख की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। इस अवसर पर श्री कामदगिरि पीठम के महंत श्री मदन गोपाल दास जी, फलाहारी आश्रम के महंत श्री रामप्यारे दास जी, पंजाबी भगवान आश्रम के महंत श्री रामदास नागा जी, महंत श्री दिनेश दास जी, रामसखा आश्रम के महंत श्री सच्चिदानंद जी, खाकी अखाड़ा के महंत श्री रामजन्म दास जी, रामानंद आश्रम के महंत श्री बलराम दास जी और सुदामा कुटी के महंत श्री रामलखन दास जी सहित अनेक संत-महात्मा उपस्थित रहे।

कार्यक्रम में नर्मदापुरम के सांसद श्री दर्शन सिंह चौधरी, सीधी के सांसद श्री राजेश मिश्रा, बांदा कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. एसबीएस राजू, रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय जबलपुर के पूर्व कुलगुरु प्रो. कपिल देव मिश्रा, भोपाल विकास प्राधिकरण के पूर्व उपाध्यक्ष श्री सुनील पांडे, सद्गुरु सेवा संघ के ट्रस्टी डॉ. इलेश जैन एवं श्रीमती ऊषा बी जैन, चित्रकूट के मुख्य विकास अधिकारी श्री डीपी पाल, पूर्व सांसद श्री रमेश द्विवेदी और श्री अशोक अर्गल, बांदा-चित्रकूट कोऑपरेटिव बैंक के अध्यक्ष श्री पंकज अग्रवाल, चित्रकूट के जिला कार्यवाह श्री अतुल सिंह, सामाजिक कार्यकर्ता डॉ. सुदीप्ति श्रीवास्तव एवं श्री श्याम सुंदर मिश्रा, जनजाति कल्याण केंद्र डिंडोरी के उपाध्यक्ष डॉ. हरिशंकर मरकाम, तुलसी शोध संस्थान की निदेशक श्रीमती मंजूषा राजस जोहरी तथा महोबा के श्री भागीरथ नगाइच सहित अन्य गणमान्यजन मौजूद रहे।

नानाजी देशमुख के कार्यों को बताया समाजसेवा का अनुकरणीय मॉडल…. समापन समारोह को संबोधित करते हुए नर्मदापुरम के सांसद श्री दर्शन सिंह चौधरी ने राष्ट्र ऋषि नानाजी देशमुख का स्मरण किया। उन्होंने कहा कि नानाजी के कृतित्व ने भगवान श्रीराम की तपोभूमि चित्रकूट में नई चेतना जगाने का काम किया। उनकी ऊर्जा, विचारों और प्रेरणा से क्षेत्र के विकास को नई दिशा दी जा सकती है। उन्होंने कहा कि दीनदयाल शोध संस्थान द्वारा समाजसेवा के क्षेत्र में किए जा रहे कार्य विश्व के लिए अनुकरणीय मॉडल हैं। नानाजी ने सत्ता का मोह त्यागकर चित्रकूट को अपनी कर्मभूमि बनाया और वनवासी समाज में आत्मविश्वास जगाने के साथ स्वावलंबन की भावना को मजबूत किया।
सीधी के सांसद श्री राजेश मिश्रा ने कहा कि नानाजी देशमुख ने सेवा और मानव समाज के प्रति समर्पण का ऐसा उदाहरण प्रस्तुत किया, जो आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बना रहेगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा वर्ष 2047 तक विकसित भारत के निर्माण का जो लक्ष्य रखा गया है, उसकी भावना के अनुरूप नानाजी ने चित्रकूट जैसे क्षेत्र में अपने कार्यों के माध्यम से ग्रामीण विकास और सामाजिक उत्थान का व्यावहारिक उदाहरण प्रस्तुत किया।









