Edition

गंडक नदी ने बढ़ाई बिहार की चिंता! वाल्मीकिनगर बराज से 1.78 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

 पटना
 बिहार में गंडक नदी के जलस्तर ने फिर चिंता बढ़ा दी है। रविवार को गंडक के जलस्तर में लगातार वृद्धि दर्ज जा रही है।

शाम छह बजे 1,77,800 क्यूसेक पानी का डिस्चार्ज दर्ज किया गया। सुबह आठ बजे की तुलना में बराज से पानी के डिस्चार्ज में लगभग दो गुनी वृद्धि हुई है।

पानी बढ़ने के साथ नदी के जलस्तर पर भी निगरानी बढ़ा दी गई है। जल संसाधन विभाग के आंकड़ों के अनुसार गंगा में भी जल स्तर बढ़ने की आशंका है। जल संसाधन विभाग के शीर्ष अधिकारियों का कहना है कि खतरा टला है, लेकिन प्रशासन सतर्क है।

उधर, वाल्मीकिनगर गंडक बराज से सुबह आठ बजे जहां 1.24 लाख क्यूसेक पानी डिस्चार्ज किया जा रहा था, वहीं शाम छह बजे तक डिस्चार्ज बढ़कर एक लाख 77 हजार 800 क्यूसेक पहुंच गया।

यानी 10 घंटे में डिस्चार्ज में 53,800 क्यूसेक की वृद्धि हुई। सुबह आठ बजे बराज के अपस्ट्रीम का जलस्तर 354.40 फीट दर्ज किया गया था, जो शाम छह बजे बढ़कर 356.30 फीट हो गया। इस तरह जलस्तर में 1.90 फीट की वृद्धि हुई।

वहीं, डाउनस्ट्रीम का जलस्तर भी सुबह के 351.60 फीट से बढ़कर शाम को 353.60 फीट पहुंच गया। इसमें दो फीट की बढ़ोतरी दर्ज की गई।

जलस्तर और डिस्चार्ज में वृद्धि को देखते हुए नदी किनारे के क्षेत्रों में सतर्कता बढ़ा दी गई है। गंडक बराज, वाल्मीकिनगर के सहायक अभियंता सत्येंद्र का कहना है कि वर्षा नहीं होने के बावजूद गंडक नदी के जलस्तर में वृद्धि हो रही है।

अनुमान है कि नेपाल और ऊपरी क्षेत्रों में आई बाढ़ का पानी गंडक नदी में पहुंच रहा है। इसी वजह से नदी के जलस्तर में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है।
बाढ़ को लेकर अंचल प्रशासन अलर्ट, 62 राहत शिविर केंद्र चयनित

गंडक के जलस्तर में वृद्धि से संभावित बाढ़ को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। लोगों को सुरक्षित स्थानों पर रखने के लिए 62 बाढ़ राहत शिविर केंद्रों का चयन किया गया है।

सभी चयनित राहत शिविर केंद्रों के लिए प्रभारी की भी नियुक्ति कर दी गई है। तटवर्ती इलाकों में लोग जरूरी सामान और पशुओं की सुरक्षा को लेकर तैयारी करने लगे हैं।

Aditya
Author: Aditya

Share करें

✓ Link copy हो गया!

Leave a Comment

और पढ़ें

error: Content is protected !!