पैसे, नौकरी और बीमारी ठीक होने का प्रलोभन देकर धर्म परिवर्तन कराने का आरोप, विहिप-बजरंग दल के विरोध के बाद पहुंची पुलिस,
धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम के तहत मामला दर्ज….
सतना। शहर के चांदमारी रोड स्थित धवारी मोहल्ले में रविवार सुबह कथित धर्मांतरण को लेकर हंगामा हो गया। रामनरेश चौधरी के मकान में धर्मांतरण कराए जाने की सूचना पर विश्व हिंदू परिषद (विहिप) और बजरंग दल के कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे और विरोध जताते हुए नारेबाजी की। सूचना मिलने पर पुलिस बल भी पहुंचा। मकान के अंदर करीब 50 लोगों के मौजूद होने की जानकारी सामने आई। पुलिस ने लगभग 6-7 लोगों को हिरासत में लेकर थाने में पूछताछ शुरू की।
पैसे और नौकरी का प्रलोभन देने का आरोप….
बजरंग दल के जिला संयोजक ऋषभ शुक्ला ने आरोप लगाया कि मकान में मौजूद महिलाओं और पुरुषों को पैसे तथा नौकरी का लालच देकर और डराकर धर्म परिवर्तन के लिए प्रेरित किया जा रहा था। सूचना मिलने के बाद उन्होंने पुलिस को इसकी जानकारी दी और विहिप-बजरंग दल के कार्यकर्ताओं के साथ मौके पर पहुंचे। इसके बाद वहां विरोध प्रदर्शन हुआ। मामले में विमल चौधरी ने भी अपना पक्ष रखा।
पीड़ित विमल ने बताई आपबीती…. धवारी निवासी विमल चौधरी ने आरोप लगाया कि बीमारी ठीक करने, आर्थिक स्थिति सुधारने और धन-सुविधाएं मिलने का प्रलोभन देकर ईसाई धर्म अपनाने के लिए प्रेरित किया जाता था।
वहीं आशा चौधरी की शिकायत पर पुलिस ने मध्यप्रदेश धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम की धारा 3 और 5 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
सीएसपी मनीष त्रिपाठी ने की एफआईआर की पुष्टि….. सीएसपी मनीष त्रिपाठी ने बताया कि कोतवाली थाना क्षेत्र के धवारी मोहल्ले से आशा चौधरी की शिकायत प्राप्त हुई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि रामनरेश, द्रौपदी और उनके साथी लोगों को एकत्र कर कहते थे कि संबंधित धर्म अपनाने से बीमारी ठीक हो जाएगी और आर्थिक स्थिति सुधर जाएगी। साथ ही, एक धर्म को अच्छा और दूसरे को बुरा बताने की कोशिश किए जाने का आरोप भी लगाया गया है।
सीएसपी के मुताबिक, आशा चौधरी की शिकायत पर मध्यप्रदेश धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम की धारा 3 और 5 के तहत अपराध दर्ज किया गया है। फिलहाल प्रकरण की विवेचना जारी है।
जांच के बाद स्पष्ट होगी मामले की वास्तविकता…… मामले में पैसे, नौकरी और बीमारी ठीक होने का प्रलोभन देकर धर्म परिवर्तन कराने के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है। पुलिस की पूछताछ और जांच के बाद ही पूरे घटनाक्रम की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।