Edition

स्मार्ट सिटी की ओर दिल्ली, CSIR-CRRI और SPA के साथ सड़क सुधार पर बड़ा समझौता

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

नई दिल्ली
 राजधानी की सड़कों को धूल मुक्त, सुरक्षित और स्मार्ट बनाने की दिशा में सरकार ने सीएसआईआर-सीआरआरआई और स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर (एसपीए) से समझौता किया है। सीएम रेखा गुप्ता ने कहा कि पीडब्ल्यूडी के साथ इस समझौते के तहत दिल्ली में रोड एसेट मैनेजमेंट सिस्टम (आरएएमएस) लागू किया जाएगा, जिसके जरिए सड़कों का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार होगा और उनकी स्थिति, मरम्मत की जरूरत तथा यातायात दबाव का वैज्ञानिक आकलन के साथ प्लानिंग की जा सकेगी।

डेटा आधारित रोड मैनेजमेंट

  • सीएम ने कहा, सरकार केवल नई सड़कें बनाने तक सीमित नहीं, बल्कि ऐसा अर्बन रोड इकोसिस्टम विकसित कर रही है जो पर्यावरण-अनुकूल, सुरक्षित और भविष्य की जरूरतों के अनुरूप हो।
  • बढ़ते ट्रैफिक, वायु प्रदूषण और जलभराव जैसी चुनौतियों से निपटने के लिए अब सड़कों का रखरखाव पारंपरिक नहीं, बल्कि वैज्ञानिक और डेटा आधारित प्रणाली से किया जाएगा।
  • सीएम के मुताबिक, नई व्यवस्था से सड़कों के रखरखाव और मरम्मत की योजना डेटा आधारित होगी, जिससे संसाधनों का बेहतर उपयोग और रोड स्ट्रक्चर की गुणवत्ता में सुधार होगा।
  • सड़कों के किनारे वैज्ञानिक तरीके से ग्रीन एरिया विकसित किया जाएगा, स्थानीय प्रजातियों के पौधे लगाने तथा मिकैनाइज्ड रोड स्वीपिंग और डस्ट कंट्रोल के उपायों को लागू किया जाएगा।
  • समझौते के तहत सड़कों के स्लोप और स्टॉर्म वाटर ड्रेनेज सिस्टम को भी वैज्ञानिक आधार पर विकसित किया जाएगा।

समझौते की मुख्य बातें…

  •     सड़कों के स्लोप और स्टॉर्म वाटर ड्रेनेज सिस्टम को पुनर्गठित किया जाएगा।
  •     पेवमेंट डिजाइन में तकनीक का इस्तेमाल होगा, जो भूजल रिचार्ज में सहायक हो।
  •     सड़क इंजीनियरिंग, पेवमेंट टेक्नोलॉजी, रोड सेफ्टी और एसेट मैनेजमेंट पर काम होगा।
  •     एसपीए शहरी डिजाइन, स्ट्रीट एस्केप प्लानिंग, पब्लिक स्पेस डिवेलपमेंट, अर्बन लैंडस्केपिंग पर काम करेगी।
  •     सड़कों के लिए एक इंटीग्रेटेड अर्बन रोड डिवेलपमेंट मॉडल विकसित किया जाएगा।

आधुनिक रोड मॉडल पर जोर
पीडब्ल्यूडी मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने कहा, यह समझौता रोड स्ट्रक्चर को आधुनिक, वैज्ञानिक और भविष्य की आवश्यकताओं के हिसाब से विकसित करेगा। सड़कों के लिए एक इंटीग्रेटेड अर्बन रोड डिवेलपमेंट मॉडल विकसित किया जाएगा। वहीं, मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा, सरकार सड़कों के किनारे स्थानीय और पर्यावरण-अनुकूल वृक्षों, झाड़ियों तथा घास के रोपण के माध्यम से डस्ट पॉल्यूशन कम करने के लिए व्यापक स्तर पर कार्य कर रही है।

 

Editor
Author: Editor

Share करें

✓ Link copy हो गया!

Leave a Comment

और पढ़ें