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आयुष्मान योजना का विस्तार, दूसरे राज्यों में भी मिलेगा 25 लाख तक कैशलेस इलाज

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 जयपुर
मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य (मां योजना) योजना के तहत प्रदेश के पात्र परिवारों को अब राज्य से बाहर भी बेहतर एवं कैशलेस निःशुल्क उपचार की सुविधा मिल रही है। राज्य सरकार द्वारा लागू की गई आउटबाउंड इंटर-स्टेट पोर्टेबिलिटी व्यवस्था के माध्यम से पात्र लाभार्थी देश के विभिन्न राज्यों में प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (PMJAY) से संबद्ध अस्पतालों में 25 लाख रुपये तक का कैशलेस निःशुल्क उपचार प्राप्त कर सकते हैं। 6 माह में प्रदेश के 30 हज़ार से अधिक लोगों ने अन्य राज्यों के अस्पतालों में 25 लाख रुपये तक का निःशुल्क इलाज करवाया है ।

मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के समन्वय से संचालित की जा रही है, जिसके अंतर्गत प्रदेश के 1.36 करोड़ पात्र परिवारों को प्रति वर्ष 25 लाख रुपये तक का कैशलेस निःशुल्क उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है। योजना में 2,179 उपचार पैकेज शामिल हैं, जिनमें सामान्य बीमारियों के साथ-साथ कैंसर, हृदय रोग, किडनी रोग, अंग प्रत्यारोपण जैसी गंभीर बीमारियों का उपचार भी सम्मिलित है।कर्नाटक और तमिलनाड के अलावा सभी राज्यों में सुविधा उपलब्ध है।

पूर्व में गंभीर बीमारियों के उपचार के लिए प्रदेश के मरीजों को गुजरात, दिल्ली सहित अन्य राज्यों में जाकर उपचार कराना पड़ता था, जिससे उन्हें आर्थिक एवं प्रशासनिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। इस समस्या के समाधान के लिए राज्य सरकार ने 15 दिसंबर 2025 से आउटबाउंड इंटर-स्टेट पोर्टेबिलिटी लागू की, जिसके बाद पात्र परिवार देश के अन्य राज्यों में स्थित पीएमजेएवाई से संबद्ध अस्पतालों में भी कैशलेस उपचार का लाभ उठा रहे हैं।

इस व्यवस्था के तहत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के पात्र परिवारों के साथ-साथ मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना के सभी पात्र परिवारों को भी अन्य राज्यों में 25 लाख रुपये तक के कैशलेस निःशुल्क उपचार का लाभ उपलब्ध कराया जा रहा है।

अब तक इस प्रावधान के अंतर्गत 5,959 क्लेम प्रस्तुत किए जा चुके हैं, जिनकी कुल राशि 17 करोड़ रुपये से अधिक है। इन क्लेम्स के माध्यम से मरीजों ने हार्ट स्टेंट, हार्ट बायपास सर्जरी, कैंसर सर्जरी, कीमोथेरेपी, डायलिसिस, जनरल सर्जरी, सिजेरियन प्रसव सहित विभिन्न जटिल उपचारों का लाभ प्राप्त किया है।

लाभार्थियों द्वारा सर्वाधिक उपचार गुजरात, हरियाणा, मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र और दिल्ली के अस्पतालों में कराया गया है। वर्तमान में इंटर-स्टेट पोर्टेबिलिटी के तहत देशभर में प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना से संबद्ध लगभग 16 हजार से अधिक सरकारी तथा 14 हजार से अधिक निजी अस्पतालों में कैशलेस उपचार की सुविधा उपलब्ध है। इनमें गुजरात के 2,067, हरियाणा के 1,366, मध्यप्रदेश के 1,622, महाराष्ट्र के 1,709, पंजाब के 823, उत्तर प्रदेश के 6,182 तथा दिल्ली के 184 अस्पताल शामिल हैं।

चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की प्रमुख शासन सचिव गायत्री राठौड़ का कहना है कि-
राज्य सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि प्रदेश का प्रत्येक पात्र नागरिक आवश्यकता पड़ने पर राज्य की सीमाओं से बाहर भी बिना किसी आर्थिक बोझ के गुणवत्तापूर्ण उपचार प्राप्त कर सके। मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना की आउटबाउंड पोर्टेबिलिटी व्यवस्था इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण और जनहितकारी पहल है।

Aditya
Author: Aditya

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