Edition

ओएमआर शीट में हेराफेरी और सीट बेचने का आरोप, जेपीएससी घोटाले में सीआईडी ने पेश किए सबूत

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

 रांची
 झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) की परीक्षाओं में अनियमितता, ओएमआर शीट में हेराफेरी, पेपर लीक सहित विभिन्न मामलों की जांच कर रही सीआईडी ने अपनी पहली चार्जशीट दाखिल कर दी है।

जिनके विरुद्ध चार्जशीट दाखिल की गई है, उनमें जेपीएससी की तत्कालीन उप परीक्षा नियंत्रक श्वेता कुमारी गुप्ता, जेपीएससी की परीक्षाओं को संचालित कराने वाली एजेंसी मेसर्स टीएसआर डेटा प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड (टीडीपीएल) का मार्केटिंग मैनेजर मनोज कुमार तिवारी उर्फ अभय कुमार तिवारी, निदेशक रामवीर सिंह, एजेंसी के अन्य कर्मी उस्मान व एबाद शामिल हैं।

सीआईडी ने चार्जशीट के साथ इन आरोपितों के विरुद्ध पुख्ता सबूत कोर्ट में प्रस्तुत की है। इसमें दस्तावेज के साथ-साथ डिजिटल साक्ष्य व आरोपितों के बयान भी हैं, जिससे यह स्पष्ट हुआ है कि इन आरोपितों ने एक आपराधिक साजिश के तहत जेपीएससी की परीक्षाओं में अनियमितता की, सीट बेची, अयोग्य अभ्यर्थियों को रुपये लेकर उत्तीर्ण करवाया।

इस सुनियोजित साजिश के चलते मेधावी अभ्यर्थी उक्त परीक्षा में सफल नहीं हो सके। जेपीएससी मेधा घोटाला मामले में सीआइडी ने 21 जुलाई को जेपीएससी कार्यालय में छापेमारी की थी। ठीक अगले ही दिन बुधवार (22 जुलाई) को सीआईडी थाना में कांड संख्या 16/2026 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी।

इसमें भारतीय न्याय संहिता की धाराओं के अलावा झारखंड प्रतियोगिता परीक्षा (भर्ती में अनुचित साधनों की रोकथाम एवं निवारण के उपाय) अधिनियम 2023 की धाराएं भी लगाई गईं थीं।

22 जुलाई को ही सीआईडी ने जेपीएससी की तत्कालीन उप परीक्षा नियंत्रक श्वेता कुमारी गुप्ता सहित उपरोक्त पांचों आरोपितों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजी थी।

इन पांचों ही आरोपितों की गिरफ्तारी के 90 दिन 19 अक्टूबर को पूरे हो गए। इससे पहले ही सीआईडी ने इनपर चार्जशीट कर दी है। अब सीआईडी की चार्जशीट पर कोर्ट की प्रक्रिया शुरू होगी।

ओएमआर शीट में हेराफेरी का खुलासा, कुछ अभ्यर्थी भी हुए हैं गिरफ्तार
जेपीएससी मेधा घोटाला मामले में आरोपितों के बयान में भी यह खुलासा हो चुका है कि आरोपितों ने ओएमआर शीट में हेराफेरी की है। सीआईडी ने पूर्व में छापेमारी के दौरान जेपीएससी कार्यालय से डिजिटल उपकरण, पेन ड्राइव, हार्ड डिस्क व अन्य कागजी दस्तावेज को भी जब्त की थी। सभी दस्तावेज की जांच व उसकी समीक्षा की जा चुकी है।

कुछ दस्तावेज की फोरेंसिक से जांच भी कराई गई थी। सीआइडी ने सभी सबूत कोर्ट में पेश की है। सीआइडी ने उन अभ्यर्थियों के नामों का भी जिक्र है, जिनके ओएमआर शीट में हेराफेरी की पुष्टि हो चुकी है।

Aditya
Author: Aditya

Share करें

✓ Link copy हो गया!

Leave a Comment

और पढ़ें

error: Content is protected !!