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अब और तेज होगा सफर! भारतीय रेलवे ला रहा 220 किमी/घंटा रफ्तार वाली ट्रेनें, सुरक्षा के लिए ब्लैक बॉक्स भी

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धनबाद
 देश में बुलेट ट्रेन की तैयारियों के बीच रेलवे ने अब 220 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से सेमी हाई स्पीड ट्रेन दौड़ाने के लिए भी कसरत शुरू कर दी है।आईसीएफ यानी इंटीग्रल रेल फैक्ट्री में 100 वंदे भारत और 50 वंदे भारत स्लीपर के नए रैक का निर्माण होगा। अमृत भारत 3.0 वर्जन पटरी पर उतारने की तैयारी शुरू होगी।साथ ही 220 किमी की स्पीड से फर्राटा भरने वाली सेमी हाई स्पीड ट्रेन के रैक भी विकसित किए जाएंगे। इतना ही नहीं हवाई जहाज की तरह यात्री ट्रेनों में ब्लैक बाक्स भी होंगे।

देश के अन्य जोन के साथ पूर्व मध्य रेल में ट्रेनों के मेंटेनेंस को डिजिटाइज किया जाएगा। प्रधान मुख्य यांत्रिक अभियंताओं की इसी सप्ताह होनेवाली पीसीएमई कॉन्फ्रेंस में इन सभी एजेंडा को शामिल किया गया है।

रेलवे बोर्ड के संयुक्त निदेशक यांत्रिक-इंजीनियर कोचिंग प्रांजल मिश्रा की ओर से सभी जाेन को पत्र जारी किए जाने के बाद संबंधित जोनल रेलवे ने प्रेजेंटेशन समर्पित कर दिया है।

आग लगने से पहले और बाद की हर गतिविधि को कैद करेगा ब्लैक बाक्स
हवाई जहाज में ब्लैक बाक्स अत्यंत मजबूत इलेक्ट्रानिक डिवाइस है, जिसका उपयोग विमान दुर्घटना के कारणों एवं अंतिम समय की गतिविधियों का पता लगाने के लिए किया जाता है। इसे विमान हादसे की जांच का सबसे महत्वपूर्ण और निर्णायक हिस्सा माना जाता है।

ठीक इसी तरह ट्रेनों में लगे आग के लिए फायर डिटेक्शन सिस्टम और फायर डिटेक्शन सप्रेशन सिस्टम के लिए ब्लैक बाक्स लगाए जाएंगे। इससे मजबूत और छेड़छाड़ रहित डाटा लागर तैयार होगा।

इसका उद्देश्य घटना की जांच के लिए आग लगने से पहले और बाद की गतिविधियों, सिस्टम को चालू ट्रिगर्स और सिस्टम के कामकाज के जुड़े पैरामीटर को रिकार्ड किया जा सकेगा।

वंदे भारत और अमृत भारत में आन बोर्ड कंडीशन मॉनीटरिंग सिस्टम
वंदे भारत और अमृत भारत जैसी ट्रेनों में ओबीसीएमएस यानी आन बोर्ड कंडीशन मानीटरिंग सिस्टम अपनाए जाएंगे। यह एक अहम डायग्नोस्टिक तकनीक है जिसकी मदद से ट्रेनों के पहिए व बेयरिंग की सुरक्षा, कार्यक्षमता और रियम टाम हेल्थ मॉनीटरिंग हो सकेगी। इससे दुर्घटनाओं की रोकथाम में काफी हद तक मदद मिलेगी।

नए कोचिंग डिपो व पुराने के अपग्रेडेशन के साथ कम समय में मेंटेनेंस
नए कोचिंग डिपो, कोचिंग टर्मिनल के निर्माण के साथ पुराने कोचिंग डिपो के अपग्रेडेशन की स्थिति संबंधित जोन के पीसीएमई स्पष्ट करेंगे।

रैक मेंटेनेंस को कम समय में करने, स्मार्ट मेंटेनेंस और कर्मचारियों से जुड़ी बेंचमार्किंग पर भी नीतिगत चर्चा होगी। कैरेज एंड वैगन विभाग के कर्मचारियों के लिए दुर्घटना व बेपटरी होने जैसी घटनाओं के लिए ट्रेनिंग माड्यूल तय होगा। गरीब रथ ट्रेनों के रैक के उपयोग पर भी निर्णय होंगे।

 

Aditya
Author: Aditya

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