Edition

नेशनल हेराल्ड की बेशकीमती जमीन पर मालिकाना हक अधर में, BDA को कोर्ट से झटका

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

भोपाल 
 राजधानी भोपाल के एमपी नगर स्थित प्रेस कांप्लेक्स में नेशनल हेराल्ड की जमीन को लेकर भोपाल विकास प्राधिकरण (BDA) को करारा झटका लगा है. भोपाल जिला अदालत ने बीडीए के दावे को खारिज कर दिया है. बीडीए ने बेदखली के लिए केस लगाया था. प्रेस कॉम्प्लेक्स में 1981 में ये 1.14 एकड़ जमीन एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड को आवंटित हुई थी. बीडीए ने जमीन के दुरुपयोग का आरोप लगाया था। 

बीडीए ने दायर किया था बेदखली का केस
भोपाल जिला अदालत ने बीडीए की ओर से दायर बेदखली का सिविल केस खारिज कर दिया है. इस फैसले के बाद भी जमीन पर बनी इमारत के स्वामित्व, उसके अलग-अलग हिस्सों की खरीद-बिक्री और संपत्ति के कथित दुरुपयोग से जुड़े विवाद पूरी तरह समाप्त नहीं हुए हैं. इनसे संबंधित कुछ अन्य मामले अदालत में विचाराधीन हैं. नेशनल हेराल्ड की जमीन पर हिंदी दैनिक 'नवजीवन' का प्रकाशन किया जाता था. वर्ष 1992 में अखबार का प्रकाशन बंद हो गया. इसके बाद कर्मचारियों के वेतन और अन्य देयकों के भुगतान से जुड़ा मामला जबलपुर हाई कोर्ट में विचाराधीन रहा। 

जमीन के इस्तेमाल को लेकर उठा विवाद
अखबार का प्रकाशन बंद होने के बाद इस जमीन पर निर्माण और उसके उपयोग को लेकर विवाद सामने आया. आरोपों के मुताबिक, वर्ष 2001 में कथित पावर ऑफ अटॉर्नी के आधार पर गंगा एंटरप्राइजेज, नई दिल्ली के नरेंद्र कुमार मित्तल ने यहां बड़ी इमारत का निर्माण कराया. बाद में इमारत के विभिन्न हिस्से अलग-अलग लोगों को बेचे जाने की बात सामने आई. भोपाल में हरमहेंद्र सिंह बग्गा और संजय सिन्हा के नाम भी इस पूरे मामले से जुड़े रहे हैं. संजय सिन्हा का कार्यालय भी इसी इमारत में बताया जाता है। 

साल 2014 में BDA ने जारी किया था नोटिस
जमीन के कथित दुरुपयोग को लेकर BDA ने वर्ष 2014 में AJL को नोटिस जारी कर जवाब मांगा था. कंपनी के तत्कालीन चेयरमैन मोतीलाल वोरा की ओर से जवाब दिया गया, लेकिन प्राधिकरण उससे संतुष्ट नहीं हुआ. इसके बाद BDA ने आवंटन निरस्त करने और जमीन से बेदखली की मांग करते हुए सिविल अदालत में मामला दायर किया. लंबी सुनवाई के बाद शनिवार को विशेष सत्र न्यायधीश शीला मैना यादव ने BDA का बेदखली संबंधी दावा खारिज कर दिया। 

इमारत के खरीदारों ने भी किया मालिकाना हक का दावा
इमारत के अलग-अलग हिस्से खरीदने वाले लोगों ने भी संपत्ति पर अपने-अपने अधिकारों का दावा किया. कुछ खरीदारों ने हाई कोर्ट से स्थगन आदेश हासिल किए थे. इसके चलते संपत्ति के स्वामित्व और कब्जे से संबंधित विवाद अलग-अलग स्तर पर जारी रहे. नेशनल हेराल्ड की संपत्ति और मशीनरी हड़पने के आरोपों से संबंधित आपराधिक मामला भी भोपाल की अदालत में विचाराधीन है. इस मामले में नरेंद्र कुमार मित्तल को अदालत द्वारा भगोड़ा घोषित किए जाने की जानकारी सामने आई है। 

बिल्डिंग पर विवाद जारी, अदालत पर नजरें
मित्तल के पूर्व पार्टनर और इस आपराधिक मामले के आरोपी हरमहेंद्र सिंह बग्गा ने इमारत में खरीदे गए हिस्से का मालिक घोषित किए जाने की मांग करते हुए अलग सिविल मुकदमा दायर किया है. इसके अलावा दो अन्य खरीदारों ने भी अपने मालिकाना हक की घोषणा के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाया है. फिलहाल, BDA का बेदखली संबंधी दावा खारिज होने के बावजूद प्रेस कॉम्प्लेक्स की इस संपत्ति को लेकर कानूनी विवाद पूरी तरह खत्म नहीं हुआ. इमारत के स्वामित्व, खरीदारों के दावों और संपत्ति से जुड़े आपराधिक मामले में अदालतों के आगामी फैसले इस विवाद की आगे की दिशा तय करेंगे। 

Aditya
Author: Aditya

Share करें

✓ Link copy हो गया!

Leave a Comment

और पढ़ें

error: Content is protected !!