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AI के डर से नौकरी छोड़ खेती करना चाहता है 10 साल अनुभवी सॉफ्टवेयर इंजीनियर, जानें क्यों बढ़ी चिंता

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आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के बढ़ते इस्तेमाल ने टेक इंडस्ट्री में काम करने वाले कई लोगों के मन में भविष्य की नौकरी को लेकर डर पैदा कर दिया है. अब करीब 10 साल का अनुभव रखने वाले एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर ने भी अपनी चिंता जाहिर की है. उसका कहना है कि AI इतनी तेजी से आगे बढ़ रहा है कि आने वाले 5 से 10 साल में पारंपरिक नौकरियों के मौके कम हो सकते हैं. हालात को लेकर उसकी चिंता इस कदर बढ़ गई है कि वह खेती करने या खुद का खाना उगाने के बारे में विचार कर रहा है.

AI से थक गया हूं, रेडिट पर शेयर किया अनुभव
इस सॉफ्टवेयर इंजीनियर ने रेडिट के ClaudeCode कम्युनिटी में I’m tired, boss शीर्षक के साथ एक पोस्ट किया है. इसमें उसने लिखा कि टेक्नोलॉजी में बदलाव की रफ्तार इतनी तेज हो गई है कि लोगों के लिए उसके साथ कदम मिलाना मुश्किल हो रहा है. उसने आशंका जताई कि अगले 5 से 10 साल में पारंपरिक नौकरियों के मौके बहुत कम हो सकते हैं.

उसने बताया कि पहले उसे लगता था कि AI कोड तो लिख सकता है, लेकिन सिस्टम डिजाइन करने जैसे जटिल कामों के लिए अनुभवी इंजीनियरों और आर्किटेक्ट्स की जरूरत बनी रहेगी लेकिन अब ऐसा नहीं है. हालांकि, अब AI टूल्स की बढ़ती क्षमताओं को देखकर उसकी यह सोच बदल रही है.

अब सिस्टम भी डिजाइन कर रहा है AI
  इंजीनियर के मुताबिक, AI अब केवल कोड लिखने तक सीमित नहीं है बल्कि सिस्टम डिजाइन करने जैसे काम भी करने लगा है. उसने चिंता जताई कि अगर AI वेबसाइट बनाने, गेम डेवलप करने और सॉफ्टवेयर तैयार करने जैसे काम तेजी से करने लगेगा, तो इन क्षेत्रों में इंसानी विशेषज्ञता की जरूरत किस तरह बदलेगी. उसका कहना है कि पहले उसे भरोसा था कि अनुभवी प्रोफेशनल्स की जरूरत बनी रहेगी, लेकिन बीते एक साल में AI की क्षमताओं में हुए बदलाव ने उसे अपने भविष्य के बारे में दोबारा सोचने पर मजबूर किया है.

क्या AI से खत्म हो जाएंगी नौकरियां?
इस इंजीनियर की पोस्ट AI की वजह से लोगों के बीच पैदा हो रहे डर के साथ-साथ नौकरी की चिंता भी सामने आ रही है. हालांकि, एक व्यक्ति की आशंका के आधार पर यह निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता कि अगले 5 से 10 साल में नौकरियां खत्म हो जाएंगी. AI के बढ़ते इस्तेमाल से कुछ कामों का तरीका बदल सकता है और कुछ भूमिकाओं की मांग प्रभावित हो सकती है. वहीं, रोजगार पर इसका वास्तविक असर इस बात पर निर्भर करेगा कि कंपनियां AI को किस तरह अपनाती हैं और नई तकनीक के साथ किस तरह की स्किल्स की जरूरत बढ़ती है.

अब खेती करने के बारे में सोच रहा इंजीनियर
वह AI की वजह से इतना डरा हुआ है कि अब नौकरी छोड़कर खेती करने या खुद का खाना उगाने के काम पर विचार कर रहा है. हालांकि, उसने खेती शुरू करने का कोई पक्का फैसला नहीं बताया है, लेकिन उसकी पोस्ट से पता चलता है कि AI के तेजी से बदलते दौर में वह अपने करियर के दूसरे विकल्पों के बारे में सोचने लगा है.

Aditya
Author: Aditya

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