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Tata Sierra CNG का इंतजार कर रहे ग्राहकों के लिए खबर, कंपनी ने लॉन्च को लेकर खोले पत्ते

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  नई दिल्ली
टाटा ने सीएनजी कारों के साथ वो प्रयोग किए हैं, जो इंडस्ट्री में दूसरे प्लेयर्स नहीं कर रहे हैं. चाहें सीएनजी के साथ ऑटोमेटिक (AMT) गियरबॉक्स देना हो या फिर कार का पेट्रोल पर नहीं बल्कि सीधे सीएनजी पर स्टार्ट होना हो. लेकिन टाटा की सारी सीएनजी कारें सब-फोर मीटर सेगमेंट की हैं। 

यानी टाटा सीएनजी वाली सभी कारें चार मीटर से छोटी हैं. चाहें बता टियागो की हो या फिर नेक्सन की. ऐसे में एक सवाल उठता है कि क्या टाटा मोटर्स एक बड़ी सीएनजी कारों को मार्केट में उतारेगी. मसलन टाटा सिएरा सीएनजी या कर्व सीएनजी हमें देखने को मिलेगी. वैसे इंटरनेट पर टाटा सिएरा सीएनजी को लेकर कई तरह की बातचीत चल रही है। 

कयास लगाए जा रहे हैं कि कंपनी इसे जल्द ही लॉन्च कर सकती हैं, लेकिन इन कयासों को हकीकत क्या है. ये सवाल इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि पिछले कुछ वक्त में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में इजाफा हुआ है. वैसे इजाफा सीएनजी की कीमतों में भी हुआ है. तो क्या टाटा बड़ी सीएनजी कारों को लॉन्च करेगी। 

क्या CNG में आएगी टाटा सिएरा और कर्व SUV?
 ऑटो से बातचीत में टाटा पैसेंजर इलेक्ट्रिक मोबिलिटी के चीफ कमर्शियल ऑफिसर विवेक श्रीवत्स ने सीएनजी और टाटा की प्लानिंग पर कई बाते बताई हैं. टाटा की बड़ी कारों में सीएनजी देने के सवालों पर उन्होंने बताया, 'सीएनजी कारों के ज्यादातर खरीदार 15 लाख से कम के सेगमेंट में हैं. बड़ी गाड़ियों में कंज्यूमर्स के अपेक्षाएं अलग हैं। 

'बड़ी कारों के खरीदारों को परफॉर्मेंस, ड्राइवेबिलिटी और ओवरऑल कैपेबिलिटी चाहिए होती है. प्रोडक्ट के नजरिये से भी देखें तो, बड़ी गाड़ियों में CNG पावरट्रेन हमेशा वैसी परफॉर्मेंस नहीं देते जैसी उस सेगमेंट के ग्राहक चाहते हैं. फिलहाल हमें बड़ी कारों में सीएनजी की कोई मांग नहीं दिख रही है। 

इसका ये मतलब है कि अगर आप सिएरा सीएनजी का इंतजार कर रहे हैं, तो कंपनी इसे अभी लॉन्च नहीं करने वाली है. हालांकि, विवेक ने ये नहीं कहा कि सिएरा सीएनजी या टाटा की बड़ी कारों में सीएनजी कभी नहीं मिलेगा. उन्होंने बताया कि हम लगातार मार्केट ट्रेंड्स और कस्टमर्स की जरूरत का आकलन करते रहते हैं. अगर भविष्य में बड़ी कारों में सीएनजी की मांग बढ़ेगी, तो हम सही प्रोडक्ट के साथ बाजार में उतरने पर विचार करेंगे। 

बढ़ रहा सीएनजी का मार्केट
सीएनजी कारों को पहले सिर्फ फ्लीट ओनर्स की पसंद के रूप में देखा जाता था, लेकिन अब ये नजरिया बदल रहा है. इसकी वजह सेफ, कम्फर्टेबल और प्रैक्टिकल विकल्प का मिलना है. सीएनजी देश का तेजी से बढ़ने वाला फ्यूल टाइप है। 

वित्तवर्ष 2025 में इसका मार्केट शेयर 19 परसेंट था, जो वित्तवर्ष 2026 में बढ़कर 22 फीसदी पहुंच गया है. हालांकि, इसके बाद भी लोगों के मन में सीएनजी कारों की रिसेल वैल्यू और अपफ्रंट कॉस्ट को लेकर कई सवाल होते हैं। 

विवेक श्रीवत्स ने बताया कि सीएनजी कारों की नेट कॉस्ट पेट्रोल कारों के मुकाबले 16 से 20 फीसदी ज्यादा होती हैं. हालांकि, अगर कोई रोजाना 40 किलोमीटर का औसत सफर करता है, तो 16 से 20 परसेंट का ये एक्स्ट्रा खर्च शुरुआती एक साल में ही निकल जाता है। 

उन्होंने बताया कि चार साल की ओनरशिप में पेट्रोल कार का कुल खर्च सीएनजी के मुकाबले 10 से 12 परसेंट बढ़ जाता है. वहीं फैक्टरी फिटेड सीएनजी कारों की रिसेल वैल्यू भी ज्यादा होती है। 

Aditya
Author: Aditya

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