रामपुर बाघेलान नगर परिषद में वित्तीय अनियमितता पर ऑडिट की आपत्ति, निजी वाहन को टैक्सी बताकर 9.87 लाख का भुगतान….
सतना जिले की रामपुर बाघेलान नगर परिषद में वाहन किराए और सामग्री खरीदी के भुगतान को लेकर वित्तीय अनियमितताओं का मामला सामने आया है। ऑडिट रिपोर्ट के अनुसार, एक निजी वाहन को टैक्सी बताकर 9 लाख 87 हजार 955 रुपए का भुगतान किया गया, जबकि संबंधित वाहन के पास टैक्सी परमिट नहीं था। ऑडिट टीम ने इस भुगतान पर आपत्ति जताते हुए सक्षम स्वीकृति लेने या संबंधितों से राशि वसूलने की सिफारिश की है।
चार वित्तीय वर्षों में 45 किस्तों में हुआ भुगतान….ऑडिट रिपोर्ट के मुताबिक, वित्तीय वर्ष 2020-21 से 2023-24 के बीच वाहन क्रमांक MP19 CC 2152, जो कुशवाहा ट्रेवल्स से संबंधित बताया गया है, के लिए 45 किस्तों में भुगतान किया गया। कुल भुगतान 9,87,955 रुपए दर्ज है। वाहन के पास टैक्सी परमिट नहीं होने के तथ्य पर ऑडिट टीम ने सवाल उठाए हैं। रिपोर्ट में भुगतान को नियमित करने के लिए सक्षम स्वीकृति लेने अथवा संबंधितों से राशि की वसूली करने की सिफारिश की गई है।
मुद्रण और बिजली सामग्री की खरीदी पर भी सवाल….
आरटीआई एक्टिविस्ट प्रशांत त्रिपाठी द्वारा प्राप्त ऑडिट रिपोर्ट में मुद्रण सामग्री और बिजली सामग्री की खरीदी को लेकर भी आपत्तियां दर्ज हैं। रिपोर्ट के अनुसार, इन मदों में अनुमानित लागत की तुलना में 76 लाख 17 हजार 101 रुपए अधिक भुगतान किए जाने का उल्लेख है। इसमें अलग-अलग मामलों में 41 प्रतिशत से लेकर 209 प्रतिशत तक अधिक भुगतान दर्ज किया गया है।
ऑडिट आपत्तियों के बाद जवाबदेही तय करने की जरूरत….
आरटीआई के जरिए सामने आए दस्तावेजों ने नगर परिषद की भुगतान और खरीदी प्रक्रिया पर सवाल खड़े किए हैं। ऑडिट रिपोर्ट में दर्ज आपत्तियों के आधार पर संबंधित भुगतानों, स्वीकृतियों और जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका की जांच महत्वपूर्ण है। हालांकि, ऑडिट में आपत्ति दर्ज होना अपने आप में वित्तीय अनियमितता के लिए किसी व्यक्ति की अंतिम जिम्मेदारी तय होना नहीं है। मामले में आगे की जांच और संबंधित पक्षों का जवाब महत्वपूर्ण होगा।
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